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Advocate Vivek Saraswat honored by former Supreme Court Justice Pankaj Mithal.
राउरकेला में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (ईस्टर्न जोन) और ऑल ओडिशा टैक्स एडवोकेट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्वर्ण जयंती कर सम्मेलन ‘स्वर्ण उदय’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से कर विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य विषय “अधिकार से जवाबदेही तक - कर प्रशासन में न्याय को मजबूत करना” (From Authority to Accountability – Strengthening Justice in Tax Administration) रहा।
कर कानूनों की चुनौतियों पर हुआ मंथन
दो दिवसीय सम्मेलन में कराधान कानूनों, जीएसटी से जुड़े कानूनी प्रावधानों और मौजूदा व्यावहारिक चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। इस दौरान विभिन्न अकादमिक और तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
“Section 74-A, A Critical Analysis” विषय पर जयपुर के एडवोकेट (सीए) जतिन हरजाई ने अपनी बात रखी। वहीं “Safeguarding Genuine ITC Claims under GST: Law, Litigation, and Practical Challenges” विषय पर नई दिल्ली के सीए राजेंद्र अरोड़ा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। सत्रों में जीएसटी कानून के प्रावधानों, मुकदमेबाजी और वास्तविक आईटीसी दावों को लेकर सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा हुई।
अधिवक्ता विवेक सारस्वत का विशेष सम्मान
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कर अधिवक्ता और छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल के वर्ष 2026 के अध्यक्ष विवेक सारस्वत का विशेष सम्मान समारोह रहा। विधि एवं कराधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय अकादमिक योगदान और अप्रत्यक्ष कर कानूनों में लंबे समय से किए जा रहे कार्यों को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति जस्टिस पंकज मित्तल ने सम्मेलन के मंच पर विवेक सारस्वत को सम्मानित किया। इस अवसर पर जीएसटीएटी (GSTAT) स्टेट बेंच झारखंड, रांची के उपाध्यक्ष तुषार कांति सत्पथी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विवेक सारस्वत के सम्मान के दौरान सम्मेलन में मौजूद प्रोफेशनल्स और डेलीगेट्स ने उनके विधि एवं कराधान के क्षेत्र में योगदान की सराहना की और उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया।
1995 से कर कानूनों में सक्रिय
सम्मेलन के मंच से वरिष्ठ अधिवक्ता बिबेकानंद मोहंती ने विवेक सारस्वत का परिचय देते हुए उनकी पेशेवर और अकादमिक उपलब्धियों का उल्लेख किया। बताया गया कि वे वर्ष 1995 से कराधान कानूनों के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने वैट, सीएसटी और जीएसटी जैसे अप्रत्यक्ष कर कानूनों के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य किया है।
वर्तमान में वे ‘सारस्वत एसोसिएट्स’ के मैनेजिंग एडवोकेट हैं। उनके कर कानूनों के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2022 में उन्हें राज्य स्तरीय ‘बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कर कानून की पुस्तकों के लेखक
विवेक सारस्वत का कर विधि साहित्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे ‘छत्तीसगढ़ वैट मैनुअल’ सहित कई विधि पुस्तकों के लेखक हैं। उनकी नवीनतम और छठी पुस्तक ‘GST Law Manual 2025’ का विमोचन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था।
उन्होंने कर कानूनों की जटिल जानकारी को आम लोगों और प्रोफेशनल्स के लिए अधिक सुलभ बनाने की दिशा में भी काम किया है। इसी उद्देश्य से उन्होंने ‘GSTSAAR’ मोबाइल ऐप विकसित किया है। इसके माध्यम से जीएसटी और कर कानूनों से जुड़ी जानकारी को सरल और उपयोगी तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन और उनके अकादमिक विकास के लिए भी विवेक सारस्वत लगातार सक्रिय रहे हैं। सम्मेलन में उनके इसी योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
छत्तीसगढ़ के अधिवक्ताओं की रही मौजूदगी
‘स्वर्ण उदय’ सम्मेलन में छत्तीसगढ़ से भी कई अधिवक्ताओं की मौजूदगी रही। दुर्ग के अधिवक्ता अखिलेश मिश्रा और बिलासपुर के अधिवक्ता हरी अग्रवाल भी सम्मेलन में शामिल हुए।
राष्ट्रीय स्तर के इस कर सम्मेलन में कर कानूनों से जुड़े विशेषज्ञों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ। साथ ही जीएसटी व्यवस्था में न्याय, जवाबदेही और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान हुए अकादमिक सत्रों और विवेक सारस्वत के सम्मान ने आयोजन को विशेष रूप से उल्लेखनीय बना दिया।