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भिलाई। हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जीएसटी की अलग-अलग टीमों ने कंपनी के गोदाम, ऑफिस और बलौदा बाजार स्थित यार्ड में एक साथ पहुंचकर दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के बाद कंपनी से जुड़े कारोबार और जीएसटी रिकॉर्ड को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, स्टेट जीएसटी विभाग की कार्रवाई के लिए दो दर्जन से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग टीमों में पहुंचे हैं। अधिकारियों ने कंपनी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच शुरू की। कार्रवाई शुरू हुए तीन घंटे से अधिक समय बीत चुका है और जांच अभी भी जारी बताई जा रही है।
गोदाम और ऑफिस में दस्तावेजों की जांच
जीएसटी अधिकारियों की टीम HTC के गोदाम और कार्यालय में पहुंचकर कंपनी के कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। टीम द्वारा कारोबारी लेन-देन, बिलिंग, टैक्स से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात का मिलान किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारी कंपनी के रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर यह देखने में जुटे हैं कि कारोबारी गतिविधियों से जुड़े जीएसटी रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति तो नहीं है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की गड़बड़ी या कर चोरी की पुष्टि नहीं हुई है।
1500 से ज्यादा ट्रकों का कारोबार
HTC एक बड़ी हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार कंपनी के पास 1500 से अधिक ट्रक होने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के संचालन और उनसे जुड़े कारोबारी लेन-देन के चलते कंपनी का कारोबार जीएसटी जांच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच टीम कंपनी के परिवहन कारोबार से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। वाहनों के संचालन, कारोबार और टैक्स से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किए जाने की बात सामने आई है।
बलौदा बाजार यार्ड में भी पहुंची टीम
स्टेट जीएसटी विभाग की एक टीम ने बलौदा बाजार स्थित HTC के यार्ड में भी जांच शुरू की है। यहां भी कंपनी से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई होने से माना जा रहा है कि जीएसटी विभाग कंपनी के कारोबार से जुड़े अलग-अलग रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। इससे अधिकारियों को कंपनी के विभिन्न स्थानों पर होने वाले कारोबारी लेन-देन की जानकारी एकत्र करने में मदद मिल सकती है।
कार्रवाई की वजह अभी स्पष्ट नहीं
स्टेट जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई के पीछे वास्तविक वजह क्या है, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कार्रवाई किसी शिकायत, पूर्व जांच, टैक्स संबंधी विसंगति या किसी अन्य कारण से की जा रही है।
ऐसे में फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कंपनी के खिलाफ किसी तरह की कर चोरी या अनियमितता मिली है। जांच पूरी होने और विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिकॉर्ड खंगाल रही टीमें, जांच के बाद सामने आएगा निष्कर्ष
जीएसटी अधिकारियों द्वारा कंपनी के अलग-अलग ठिकानों पर उपलब्ध दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारी रिकॉर्ड का मिलान करने के साथ जरूरी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनका परीक्षण कर रहे हैं।
फिलहाल कार्रवाई जारी है और विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि अधिकारियों को रिकॉर्ड में कोई टैक्स संबंधी गड़बड़ी, विसंगति या अन्य अनियमितता मिली है या नहीं।
फिलहाल पूरे मामले में स्टेट जीएसटी विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह और आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ होगी।