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After Khamenei's death, the war escalates, Iran is engulfed in the fire of revenge.
नई दिल्ली। खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध और भड़क गया है। ईरान की राजधानी तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों के साथ 40 दिन के मातम का ऐलान किया गया। 86 वर्षीय खामेनेई 1989 से सत्ता में थे। ईरान ने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘रेड लाइन’ पार कर दी है और परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी हमले में रक्षा मंत्री, आर्मी चीफ और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख समेत 40 से ज्यादा कमांडर मारे गए। जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। अरब सागर में तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी निशाना बनाया गया, हालांकि मिसाइलें टकराईं नहीं।
ट्रम्प की चेतावनी और ईरान की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेताया कि ईरान जवाबी कार्रवाई न सोचे, वरना उसे “सोच से परे विनाश” देखना पड़ेगा। वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान ने कड़ा प्रतिशोध लेने की बात कही।
ईरान ने अंतरिम काउंसिल का गठन किया है। इसमें अली रेजा अराफी, चीफ जस्टिस गुलाम हुसैन मोहसीनी और राष्ट्रपति पजेशकियान शामिल हैं। विदेश मंत्री के अनुसार, नया सुप्रीम लीडर एक-दो दिन में चुना जाएगा।
क्या जंग लंबी खिंचेगी?
विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान के दो लाख रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अब भी मजबूत हैं। शहादत की भावना देश को एकजुट कर सकती है। प्रॉक्सी समूह गुरिल्ला युद्ध छेड़ सकते हैं।