

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

After the coal levy case, Ramgopal Agarwal arrested in the liquor scam as well.
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शनिवार को उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने कोल लेवी घोटाले में उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी। इसी दौरान EOW ने उन्हें बहुचर्चित शराब घोटाले (लिकर स्कैम) में भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति भी अदालत से हासिल कर ली है।
EOW का दावा- 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन तक पहुंचे
रिमांड बढ़ाने की मांग के दौरान EOW ने अदालत को बताया कि जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर करीब 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन तक पहुंचने की जानकारी मिली है। एजेंसी का कहना है कि जब्त की गई डायरियों और अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच के बाद यह तथ्य सामने आए हैं।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW दोनों ने दावा किया था कि कोल लेवी से जुड़े 52.62 करोड़ रुपए रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे थे। बाद में यह राशि 54.62 करोड़ रुपए बताई गई थी, लेकिन अब EOW ने जांच के दौरान यह दावा बढ़ाकर 104 करोड़ रुपए कर दिया है।
डायरियों और दस्तावेजों के आधार पर जांच
EOW के अनुसार, कोल लेवी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से जब्त डायरियों, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित लेन-देन की कड़ियां जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों में दर्ज एंट्री और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर पैसों के प्रवाह की जांच की जा रही है।
इन आरोपियों से कराया जाएगा आमना-सामना
EOW ने अदालत को बताया कि जांच के अगले चरण में रामगोपाल अग्रवाल का आमना-सामना मामले के अन्य आरोपियों और गवाहों से कराया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से—
सूर्यकांत तिवारी
देवेंद्र डनसेना
निखिल चंद्राकर
रोशन सिंह
नारायण साहू
गवाह मोहसिन खान
शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच और जब्ती की जाएगी।
रिमांड के दौरान ही लिकर स्कैम में दूसरी गिरफ्तारी
कोल लेवी मामले में 9 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद शुक्रवार को रामगोपाल अग्रवाल को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी।
इसी दौरान EOW ने शराब घोटाले में भी उनकी गिरफ्तारी का आवेदन पेश किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, इस मामले में अदालत ने उन्हें 25 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
चूंकि फिलहाल वे कोल लेवी मामले में पुलिस रिमांड पर हैं, इसलिए वे EOW की हिरासत में ही रहेंगे। 22 जुलाई को कोल लेवी मामले की रिमांड समाप्त होने के बाद एजेंसी शराब घोटाले में अलग से पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
ओवरटाइम घोटाले में भी पूछताछ की अनुमति
रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें केवल कोल लेवी और शराब घोटाले तक सीमित नहीं हैं। EOW को बहुचर्चित ओवरटाइम घोटाले में भी उनसे पूछताछ की अनुमति मिल गई है।
जांच एजेंसी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर इस मामले में भी आगे गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
22 जुलाई के बाद लिकर केस में पुलिस रिमांड की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, 22 जुलाई को कोल लेवी मामले की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद EOW उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी। इसके बाद एजेंसी शराब घोटाले में विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।
इसके साथ ही ओवरटाइम घोटाले में भी जांच की दिशा तय की जाएगी।
ED भी मांग सकती है कस्टडी
छत्तीसगढ़ में कोल लेवी, शराब घोटाला, DMF और कस्टम मिलिंग समेत कई मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, EOW की कार्रवाई के बाद अब ED भी रामगोपाल अग्रवाल की कस्टडी मांग सकती है। संभावना है कि EOW की पूछताछ पूरी होने और उनके न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद ED अदालत से कस्टडी लेकर अपने मामलों में पूछताछ शुरू करे।
रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ अब कोल लेवी घोटाला, शराब घोटाला और ओवरटाइम घोटाले से जुड़े मामलों में जांच समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। EOW लगातार दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है, जबकि ED भी अपने मामलों में आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।