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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में राज्य ने नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) की श्रेणी में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं पर्यावरणीय लचीलेपन (Environment Resilience) में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ को कुल 47.5 अंक मिले हैं। समग्र रैंकिंग में राज्य नौवें स्थान पर है, लेकिन निवेशकों के भरोसे से जुड़े सबसे अहम मानकों में उसका प्रदर्शन देश में सबसे बेहतर रहा है।
सरकार का दावा है कि पिछले करीब ढाई वर्षों में राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे उभरते उद्योग शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, Regulatory Ease श्रेणी में छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं, जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों से अधिक हैं। वहीं Institutional Environment में 6 में से 4.5 अंक हासिल कर राज्य शीर्ष पर रहा। यह श्रेणी शासन की गुणवत्ता, नीतिगत स्थिरता, आर्थिक और साइबर अपराध नियंत्रण तथा शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे पहलुओं का आकलन करती है।
Environment Resilience में राज्य को 5 में से 4 अंक मिले हैं और इस श्रेणी में केवल तमिलनाडु उससे आगे है। संसाधनों की उपलब्धता के मामले में भी छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर रहा है।
सरकार ने इस उपलब्धि का श्रेय औद्योगिक विकास नीति 2024-30, जन विश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 और उद्योगों के लिए लागू किए गए प्रशासनिक सुधारों को दिया है। नवा रायपुर में देश के पहले AI डेटा सेंटर पार्क और डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं को भी राज्य की नई औद्योगिक पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर देश की मुहर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को गति देना है।