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Chhattisgarh: After the paper leak, the examination system has become hi-tech, monitoring will be done through QR code and GPS.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12वीं हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत क्यूआर कोड, जीपीएस ट्रैकिंग और वन टाइम लॉक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
QR कोड स्कैन के बाद ही खुलेंगे प्रश्नपत्र
नई प्रणाली के अनुसार अब प्रश्नपत्र के पैकेट बिना क्यूआर कोड स्कैन किए नहीं खोले जा सकेंगे। प्रत्येक पैकेट में वन टाइम लॉक सिस्टम लगाया गया है, जिसे निर्धारित समय और प्रक्रिया के तहत ही खोला जा सकेगा। इससे समय से पहले पेपर खोलने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
GPS से हर मूवमेंट पर नजर
प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले कंटेनरों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। इससे कंटेनर की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रास्ते में कहीं भी छेड़छाड़ न हो।
अब बस नहीं, सुरक्षित कंटेनरों से होगी सप्लाई
मंडल ने स्पष्ट किया है कि अब गोपनीय परीक्षा सामग्री बसों के बजाय विशेष जीपीएस लॉक युक्त कंटेनरों के जरिए भेजी जाएगी। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद केंद्र प्रभारी वीडियो कॉल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में ही लॉक खोला जाएगा।
ओपन स्कूल परीक्षाओं में भी लागू होगा सिस्टम
नई सुरक्षा व्यवस्था केवल नियमित बोर्ड परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य ओपन स्कूल की परीक्षाओं में भी इसे लागू किया जाएगा। 10 अप्रैल को होने वाली 12वीं हिंदी की पुनः परीक्षा से इस सिस्टम की शुरुआत की जा रही है, जिसमें करीब ढाई लाख छात्र शामिल होंगे।
13 मार्च को हुआ था पेपर लीक
गौरतलब है कि 14 मार्च को आयोजित 12वीं हिंदी परीक्षा से एक दिन पहले 13 मार्च को हस्तलिखित प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस गंभीर मामले में मंडल ने कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सचिव का बयान: सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पूरी व्यवस्था में तकनीकी बदलाव किए गए हैं और हर स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है।
पारदर्शिता और भरोसे की दिशा में बड़ा कदम
नई हाईटेक व्यवस्था से उम्मीद है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा।