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Air traffic control system glitch in Britain; over 1,000 flights cancelled, multiple airports affected.
नई दिल्ली। ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के बाद हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग शेड्यूल में भारी व्यवधान देखने को मिला।
ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार देर रात तक 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इस तकनीकी समस्या का सबसे ज्यादा असर उड़ानों के टेकऑफ पर पड़ा। कई विमानों की उड़ानों में देरी हुई, जबकि कुछ फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) ने बताया कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी। NATS के इंजीनियर सिस्टम को सामान्य करने के लिए मौके पर काम करते रहे।
तकनीकी खराबी का असर लंदन के हीथ्रो और गैटविक एयरपोर्ट के अलावा मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। कुछ समय के लिए कई जगहों पर उड़ानों के टेकऑफ पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके अलावा एडिनबर्ग, बर्मिंघम और ल्यूटन एयरपोर्ट समेत स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के कुछ अन्य एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आईं।
हीथ्रो एयरपोर्ट ने भी स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि वह NATS के साथ मिलकर तकनीकी समस्या के असर को कम करने और उड़ान संचालन को सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है।
तकनीकी गड़बड़ी का असर कई प्रमुख एयरलाइंस पर पड़ा। ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, KLM और लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुईं।
फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा FlightRadar24 के मुताबिक, लंदन के प्रमुख एयरपोर्ट्स के साथ-साथ इंग्लैंड के ईस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र में भी उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग शेड्यूल में व्यवधान आया। कई विमानों को यूरोप के दूसरे एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा।
NATS ने स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्या के बावजूद ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं हुआ था। उड़ानों का संचालन जारी रहा, लेकिन फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई खराबी के कारण सामान्य क्षमता प्रभावित हुई। शुरुआत में आने वाली उड़ानों पर अपेक्षाकृत कम असर बताया गया था, लेकिन बाद में कुछ इनबाउंड फ्लाइट्स को भी होल्ड और डायवर्जन का सामना करना पड़ा।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी समस्या के चलते यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट की स्थिति देखने को कहा गया है। प्रभावित यात्रियों को एयरलाइन की ओर से देरी, कैंसिलेशन या वैकल्पिक उड़ान से संबंधित अपडेट भी दिए जा सकते हैं।
NATS के मुताबिक, सिस्टम को सामान्य करने का काम जारी रहा और फ्लाइट सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ा। हालांकि, तकनीकी खराबी के बाद बने बैकलॉग के कारण उड़ानों के संचालन पर कुछ समय तक असर बने रहने की संभावना रही।