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Ajay Chandrakar's statement on the Naib Tehsildar controversy, said - first it should be decided who crossed the Lakshman Rekha.
रायपुर। सरगुजा जिले के सीतापुर में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं। इस बीच वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि आखिर लक्ष्मण रेखा किसने लांघी।
'दबाव बनाने के बजाय तथ्यों की जांच हो'
अजय चंद्राकर ने कहा कि राजस्व अधिकारी यूनियन किस बात की जांच की मांग कर रहा है, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने और कार्रवाई की मांग करना अलग विषय है, जबकि यह समझना अधिक जरूरी है कि ऐसी घटना हुई क्यों। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अपनी गरिमा होती है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
क्या है सीतापुर का पूरा मामला?
दरअसल, सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट का आरोप लगा है। घटना के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों में नाराजगी फैल गई। राजस्व अधिकारियों ने पहले मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने सामूहिक अवकाश, कलमबंद हड़ताल और बाद में अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया।
हसदेव अरण्य मुद्दे पर भी साधा निशाना
वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा हसदेव अरण्य को लेकर प्रदर्शन की घोषणा पर भी अजय चंद्राकर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने हसदेव अरण्य को लेकर अपने कार्यकाल में जो भी फैसले लिए, उन्हें दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक करना चाहिए। चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अपने शासनकाल में उठाए गए कदमों का हिसाब दे, उसके बाद प्रदर्शन की बात करे।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
सीतापुर की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। एक ओर राजस्व अधिकारी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेताओं के बयान मामले को नया राजनीतिक रंग दे रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।