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Allahabad High Court grants anticipatory bail to Swami Avimukteshwarananda in POCSO case
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पॉक्सो केस में अग्रिम जमानत दी है। न्यायालय ने कहा कि शिकायत और घटनाक्रम में कई बातें सामान्य मानवीय व्यवहार से मेल नहीं खाती हैं। इसलिए आरोपों की सावधानीपूर्वक जांच आवश्यक है।
पुलिस जांच और केस की पृष्ठभूमि
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने दो नाबालिग लड़कों के यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस को निर्देशित किया था। हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। कोर्ट ने नोट किया कि मेडिकल जांच और एफएसएल रिपोर्ट अभी पूरी नहीं हुई हैं।
शिकायत में देरी और इंटरव्यू पर सवाल
जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने बच्चों द्वारा मामले को 'अजनबी' को बताने और पुलिस को सूचना देने में छह दिन की देरी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि देरी का कारण पूजा-पाठ नहीं ठहराया जा सकता।
इसके अलावा, बच्चों का न्यूज चैनलों को इंटरव्यू देना पॉक्सो और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का गंभीर उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने इसे निंदनीय बताया।
मेडिकल परीक्षण और संदेहास्पद घटनाक्रम
कोर्ट ने यह भी कहा कि आवश्यक होने के बावजूद आरोपियों का समय पर मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। घटना की सूचना और प्रशासन से विवाद की तारीख एक जैसी होना संदेहास्पद है।