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Allegation of discrimination in promotion: Kawardha SP Dharmendra Singh wrote a letter to the Chief Minister and DGP
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हाल ही में हुए आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन को लेकर विवाद सामने आया है। कवर्धा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मेंद्र सिंह ने प्रमोशन प्रक्रिया में अपने साथ अन्याय और भेदभाव होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है।
पत्र में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा है कि वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और सभी आवश्यक योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें अब तक प्रमोशन नहीं दिया गया, जबकि उनके ही बैच के कई अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत कर दिया गया है। उन्होंने प्रमोशन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अपने मामले पर पुनर्विचार की मांग की है।
दरअसल, 23 जनवरी को राज्य में कुल 16 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया। इसमें 2001 बैच के आनंद छाबड़ा को एडीजी बनाया गया। वहीं 2008 बैच के प्रशांत अग्रवाल, मिलन कुर्रे, नीतू कमल और डी. श्रवण को आईजी पद पर पदोन्नत किया गया। इसके अलावा 2012 बैच के 8 अधिकारियों को डीआईजी बनाया गया, जबकि अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग सहित 4 अधिकारियों को एसएसपी पद पर प्रमोट किया गया।
एसपी धर्मेंद्र सिंह, जो 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, का कहना है कि उन्हें अब तक जूनियर स्केल और सीनियर स्केल का भी प्रमोशन नहीं मिला है, जबकि उनके ही बैच के कई अधिकारी डीआईजी पद तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने इसे स्पष्ट भेदभाव बताया है।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि उनके प्रमोशन न होने के पीछे मध्य प्रदेश में दर्ज एक पुराने मामले का हवाला दिया जा रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि उस मामले में पहले ही खात्मा हो चुका था, लेकिन कोर्ट की औपचारिक मंजूरी न मिलने के कारण उसे जांचाधीन बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ही बैच के अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह के मामले थे, इसके बावजूद उन्हें प्रमोशन दिया गया।
धर्मेंद्र सिंह ने भारत सरकार के प्रमोशन नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी अधिकारी का प्रमोशन केवल तीन स्थितियों में रोका जा सकता है—निलंबन, विभागीय जांच या कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल होने की स्थिति में। उनका कहना है कि वे इन तीनों ही श्रेणियों में नहीं आते, इसके बावजूद उनके तीन प्रमोशन रोके गए हैं।
गौरतलब है कि आईपीएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह वर्तमान में कवर्धा जिले के एसपी के रूप में पदस्थ हैं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने को लेकर किए गए उनके प्रयासों की सराहना होती रही है। प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर उनका यह पत्र अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।