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Allegations of irregularities in PSC answer sheets; Congress demands an impartial inquiry.
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएससी की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ी और तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के मुद्दे पर सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और सरकार को आरोपों की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने पीएससी परीक्षा में सामने आई कथित विसंगतियों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पीएससी परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी तरीके से कराने का वादा किया था, लेकिन परीक्षा के परिणामों को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस के अनुसार पीएससी में 265 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। मुख्य परीक्षा में निर्धारित पदों की तुलना में करीब तीन गुना अभ्यर्थियों को शामिल किया जाना था। इसके बावजूद साक्षात्कार के लिए केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन किए जाने का दावा किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में समान उत्तर मिलने के बावजूद अंकों में अंतर दिखाई दिया। एक अभ्यर्थी को शून्य अंक मिलने और दूसरे को अंक दिए जाने का उदाहरण भी सामने रखा गया। कांग्रेस ने इसे गंभीर विषय बताते हुए पूरी उत्तर पुस्तिका प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
दीपक बैज ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने न्यूनतम निर्धारित अंक हासिल किए हैं, उन्हें साक्षात्कार की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए था। कांग्रेस का आरोप है कि ऐसे कई अभ्यर्थियों को मौका नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि पीएससी जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात की आशंका युवाओं के भरोसे को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार को आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए।
कांग्रेस ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के जल, जंगल और जमीन को चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि तारा क्षेत्र के पर्यावरणीय हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। बड़े पैमाने पर खनन से जंगल और वन्यजीव प्रभावित होने के साथ मानव और हाथी संघर्ष की समस्या बढ़ने की आशंका है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि तारा सहित नौ कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र सरकार को पहले ही पत्र भेजा गया था। उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर खनन से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर वोट बैंक की राजनीति के लिए ध्रुवीकरण करने का आरोप भी लगाया। बैज ने कहा कि सरकार को युवाओं की भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने के साथ हर शिकायत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।