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America breaks ties with WHO, bans all funding
वॉशिंगटन। अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से खुद को आधिकारिक रूप से अलग कर लिया है। अमेरिकी स्वास्थ्य और विदेश विभाग ने संयुक्त बयान जारी कर इस फैसले की पुष्टि की। इसके साथ ही जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिका का झंडा भी हटा दिया गया है। अमेरिका ने साफ किया है कि वह WHO के साथ केवल सीमित स्तर पर काम करेगा, ताकि संगठन से अलग होने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की न तो WHO में पर्यवेक्षक के रूप में बने रहने की कोई योजना है और न ही भविष्य में दोबारा सदस्य बनने की। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बीमारियों की निगरानी और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बजाय सीधे अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा।
अमेरिका ने WHO से अलग होने का कारण कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में संगठन की कथित विफलताओं को बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी की नीतियों और कामकाज से अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बीते एक साल से विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे थे कि अमेरिका के WHO से बाहर निकलने से न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि वह संगठन से बाहर निकलने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सीमित सहयोग जारी रखेगा।
गौरतलब है कि अमेरिकी कानून के तहत WHO छोड़ने के लिए एक साल पहले सूचना देना और सभी बकाया शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होता है। WHO के मुताबिक अमेरिका पर करीब 26 करोड़ डॉलर का बकाया है। WHO के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका ने वर्ष 2024 और 2025 के लिए अब तक अपना बकाया शुल्क नहीं चुकाया है।
वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी जनता पहले ही पर्याप्त भुगतान कर चुकी है और उन्होंने इस बात से इनकार किया कि संगठन छोड़ने से पहले भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के ओ’नील इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ लॉ के संस्थापक निदेशक लॉरेंस गोस्टिन ने इस कदम को अमेरिकी कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पूरी संभावना है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे बच निकलें।
इस बीच अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (HHS) ने घोषणा की है कि WHO को दी जाने वाली सभी अमेरिकी फंडिंग समाप्त कर दी गई है। HHS के प्रवक्ता के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भविष्य में WHO को किसी भी अमेरिकी सरकारी संसाधन के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है।