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Amit Shah presented the roadmap for development at the Bastar Pandum closing ceremony, saying,
जगदलपुर। बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में बस्तर को विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। गांव-गांव में स्कूल, सड़क, बिजली और नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
गांवों तक पहुंचेगी बिजली, बैंक और राशन सुविधा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 27 दिसंबर से पहले बस्तर के सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी में बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही किसानों का पूरा धान खरीदा जाएगा और प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह पांच किलो राशन देने की योजना भी लागू की जा रही है।
माओवाद पर बोले शाह – बस्तर की पहचान संस्कृति से
अपने संबोधन में शाह ने माओवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि माओवादी जब आईईडी लगाते हैं, तो इसका शिकार मासूम बच्चे और जनजातीय लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद नहीं बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति और विरासत है। सरकार की लड़ाई आदिवासी गांवों की सुरक्षा और विकास के लिए है। उन्होंने शेष माओवादियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी पूरी सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था करेगी।
‘पूना मारगेम योजना’ से 2500 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
अमित शाह ने बताया कि ‘पूना मारगेम योजना’ के तहत अब तक करीब 2500 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि माओवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और कई देशों में इससे तबाही आई है। शाह ने यह भी बताया कि लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को राज्य सरकार ने दोबारा शुरू किया है, जिससे क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
पर्यटन, उद्योग और सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 128 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में 2 लाख 75 हजार एकड़ भूमि को सिंचित करने के लिए परियोजनाएं संचालित होंगी। रावघाट परियोजना और नदी जोड़ो योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 90 हजार से अधिक युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि 2019 में गृह मंत्री बनने के बाद बस्तर में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बस्तर के युवाओं को खेल और संस्कृति से जोड़ने की बात कही और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सुरक्षाबलों के जवानों को धन्यवाद दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद मुक्त किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय बोले- नक्सलवाद अब अंतिम दौर में
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है और लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गणतंत्र दिवस पर 40 से अधिक गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो बदलते बस्तर की तस्वीर है।
भव्य रहा बस्तर पंडुम का समापन समारोह
द्वितीय बस्तर पंडुम महोत्सव का समापन समारोह ऐतिहासिक और भव्य रहा। इस वर्ष 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें बस्तर संभाग के 7 जिलों, 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपदों से कलाकारों ने भाग लिया। कुल 55 हजार से अधिक कलाकार अंतिम चरण तक पहुंचे।