

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

The Amravati blackmail scandal began with a bet on who would trap more girls, and the truth emerged after the controversy.
अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती में सामने आए बहुचर्चित यौन शोषण और ब्लैकमेल कांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में इस मामले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी अयान अहमद और उजैर खान के बीच लगी एक शर्त इस पूरे कांड की जड़ बनी।
शर्त से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के बीच यह प्रतिस्पर्धा थी कि कौन ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकता है। इसी होड़ में अयान अहमद लड़कियों से दोस्ती करता, उन्हें बहलाकर अपने फ्लैट तक लाता और फिर उनके अश्लील वीडियो बनाता था। इन वीडियो को वह उजैर खान के साथ साझा करता था।
पैसों के विवाद ने खोली पोल
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब दोनों आरोपियों के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में आकर उजैर खान ने अयान के पास मौजूद आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। यही घटना पूरे कांड के उजागर होने की वजह बनी और पुलिस हरकत में आई।
वीडियो और फोटो से किया जाता था ब्लैकमेल
जांच में सामने आया है कि अयान अहमद ने 18 वीडियो और 39 आपत्तिजनक फोटो तैयार किए थे। इनका इस्तेमाल पीड़ित लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, ये वीडियो पिछले चार से छह महीनों के भीतर बनाए गए थे।
फ्लैट सील, जांच जारी
अमरावती शहर के जिस फ्लैट में इन घटनाओं को अंजाम दिया गया, उसे पुलिस ने सील कर दिया है। आगे की जांच के लिए आरोपियों को मौके पर ले जाया जा सकता है। अब तक 8 पीड़ित लड़कियों की पहचान हो चुकी है।
सोशल मीडिया के जरिए फंसाता था आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि अयान अहमद पिछले दो वर्षों से सोशल मीडिया पर सक्रिय था। वह महंगी गाड़ियों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट कर खुद को प्रभावशाली दिखाता था और इसी माध्यम से लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था।
संगठित नेटवर्क की आशंका
स्थानीय पार्षद मुजीब राशिद के अनुसार, शुरुआत में इसे दो लोगों का मामला समझा गया, लेकिन जांच में संगठित तरीके से शोषण और ब्लैकमेल का नेटवर्क सामने आया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मामले को लेकर विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ने की कोशिश की, हालांकि महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।