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Latest News: Anil Tuteja gets a setback from the Supreme Court, rejecting the demand to stop the new FIR and bail simultaneously
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बीते सोमवार को पूर्व छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने नई एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने और सभी मामलों में एक साथ जमानत देने की मांग की थी। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में ‘राजनीतिक प्रेरणा’ का आरोप लगाना आसान है, लेकिन यहां सार्वजनिक धन के निजी हाथों में जाने का गंभीर आरोप है।
कोर्ट ने कहा- ‘यह राजनीतिक मामला नहीं’
मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने टुटेजा के वकील सीनियर एडवोकेट शोएब आलम से कहा कि यह राजनीतिक मामला नहीं है। उन्होंने कहा, “आप कई वर्षों तक सत्ता में रहे एक ब्यूरोक्रेट हैं। यहां सार्वजनिक धन के निजी हाथों में जाने का मामला है। अगर आप शामिल हैं, तो आपको कानून के अनुसार प्रक्रिया का सामना करना होगा।”
हाईकोर्ट जाने की दी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए टुटेजा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन करने की छूट दी। साथ ही हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि यदि इस संबंध में याचिका दायर होती है तो 2 से 4 सप्ताह के भीतर उस पर फैसला किया जाए।
कई बड़े घोटालों में आरोपी
टुटेजा, जो Bhupesh Baghel सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में प्रभावशाली अधिकारी माने जाते थे, कई बड़े घोटालों में आरोपी हैं। इनमें लगभग 2000 करोड़ रुपये का शराब घोटाला, 540 करोड़ रुपये का कोल लेवी घोटाला, 600 करोड़ रुपये का डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) घोटाला, 175 करोड़ रुपये का राइस मिलिंग घोटाला, NAN घोटाला और महादेव बेटिंग ऐप घोटाला शामिल हैं।
इन मामलों की जांच Enforcement Directorate और Economic Offences Wing (EOW) / Anti Corruption Bureau द्वारा की जा रही है।
वकील ने एजेंसियों पर लगाया ‘पैटर्न’ का आरोप
सुनवाई के दौरान टुटेजा के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल अप्रैल 2024 से 20 महीने से अधिक समय से जेल में हैं। उनका आरोप था कि जब भी किसी मामले में जमानत मिलने की स्थिति बनती है, जांच एजेंसियां नया मामला दर्ज कर उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लेती हैं।
हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को ‘प्रागुक्त’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि एजेंसियों को पहले से गिरफ्तारी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी गरमाया मामला
टुटेजा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बहस तेज है। Indian National Congress का आरोप है कि Bharatiya Janata Party की सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार से जुड़े अधिकारियों को निशाना बना रही है। वहीं भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है।