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CG News: Another elephant calf dies in Raigarh: 8th incident in 5 months in Chhal range, questions raised on Forest Department
रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत छाल रेंज के पुसल्दा जंगल में शनिवार रात एक शावक हाथी की पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाथियों का दल रेलवे लाइन किनारे बने पोखर में पानी पीने पहुंचा था। इसी दौरान एक साल से कम उम्र का बेबी एलिफेंट गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और पानी में फंस गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला
घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शावक के शव को दफना दिया गया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना बताया गया है।
पोस्टमार्टम में फेफड़ों में मिला पानी और मिट्टी
डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शावक के फेफड़ों में पानी और मिट्टी मिलने की पुष्टि हुई है। विभाग लगातार हो रही शावक हाथियों की मौत को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों और एलीफेंटोलॉजिस्ट से भी सलाह ले रहा है।
ग्रामीणों ने रेलवे निर्माण को बताया जिम्मेदार
ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी निकालने के लिए पोखर को करीब 10 फीट गहरा खोदा गया था। अब यही गहरा गड्ढा वन्यजीवों के लिए मौत का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक जलभराव स्थलों को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
5 महीने में 8 शावक हाथियों की मौत
धरमजयगढ़ वनमंडल में इन दिनों करीब 140 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में शावक भी शामिल हैं। पिछले पांच महीनों में 8 शावक हाथियों की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब तक हुई प्रमुख घटनाएं
27 जनवरी: घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में चट्टान में फंसने से शावक की मौत
22 फरवरी: तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में एक शावक मृत मिला
11 मार्च: घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव बरामद
23 अप्रैल: लैलूंगा रेंज के आमापाली में शावक हाथी की मौत
8 मई: छाल रेंज के घोघरा डेम में एक शावक की डूबने से मौत
11 मई: छाल रेंज के तरकेला गांव में शावक की मौत
23 मई: पुसल्दा गांव के पोखर में डूबने से एक और शावक की मौत
छाल रेंज में 63 हाथियों का दल कर रहा विचरण
वन विभाग के अनुसार छाल रेंज में वर्तमान में करीब 63 हाथी अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 21 नर, 31 मादा और 10 शावक शामिल हैं। वहीं 25 हाथियों का एक बड़ा दल ऐडू बीट क्षेत्र में मौजूद है।
लगातार मौतों से बढ़ी चिंता
लगातार हो रही शावक हाथियों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव गतिविधियों और असुरक्षित जल स्रोतों के कारण हाथियों के प्राकृतिक मार्ग और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।