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Assam Floods: Situation in Assam remains critical; death toll reaches 47, over 7.21 lakh people affected.
गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 40 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य के 11 जिलों में 7.21 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हालात में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच सकी है। प्रशासन का लक्ष्य शुक्रवार तक सभी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि करीब 40 लोग अब भी लापता हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही 25 जुलाई को केंद्र सरकार की एक टीम असम पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेगी।
ASDMA के अनुसार, शिवसागर में डिखो नदी गंभीर बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही है। इसके अलावा बुरीदिहिंग, दिसांग, धनसिरी और कुशियारा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़े हादसों में छह लोगों की जान चली गई। इनमें शिवसागर जिले में चार लोगों, जिनमें एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं, की डूबने से मौत हुई। वहीं चराइदेव जिले में दो लोगों, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, की मौत दर्ज की गई। इसके साथ ही इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 47 हो गई है।
बाढ़ का सबसे अधिक असर चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों में देखा गया है। इनमें शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 3.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
राज्य सरकार ने नौ जिलों में 358 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं, जहां 24,124 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर समेत कई इलाकों से करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
बाढ़ के कारण राज्य के 883 गांव जलमग्न हो गए हैं। लगभग 25,375.44 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इसके अलावा तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का असर 3.71 लाख से अधिक घरेलू पशुओं और पोल्ट्री पर पड़ा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का संकट और गहरा गया है।