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Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: Major revelation during interrogation—proceeds from offerings were divided in an orchard; three accused remanded to police custody.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। विशेष अदालत से कस्टडी रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर दानपात्र से निकाली गई रकम का बंटवारा अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित एक बाग में किया जाता था।
पुलिस ने अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय को जेल से कस्टडी रिमांड पर लेकर पहले अलग-अलग और फिर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी से मिली जानकारी का मिलान करते हुए कई अहम सवाल पूछे। मामले की जांच पुलिस लाइन में जारी है।
जांच टीम अब आरोपियों से जुड़े संभावित ठिकानों और संपत्तियों का सत्यापन करने की तैयारी में है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर कथित तौर पर चोरी की गई रकम का कुछ हिस्सा बरामद हो सकता है। इसी दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विशेष न्यायाधीश द्वारा कस्टडी रिमांड मंजूर किए जाने के बाद बुधवार सुबह पुलिस टीम आरोपियों को जेल से लेकर आई। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनसे विस्तृत पूछताछ शुरू हुई। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि पूरी कथित साजिश किस तरह संचालित की गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल और पुलिस की संयुक्त टीम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है और मामले में अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।