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BJP ministers, MPs, and MLAs will dine with the public on Diwali.
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन और सरकार के कामकाज को मजबूत बनाने के लिए पार्टी स्तर पर मंथन जारी है। प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान पार्टी के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर खास जोर दिया गया। इसी कड़ी में दीपावली के अवसर पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों को जनता के साथ भोजन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित बैठकों को चार सत्रों में बांटा गया। विधायकों के साथ चर्चा में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनता से सीधे संवाद और संगठन को मजबूत बनाने के विषय प्रमुख रहे। सांसदों से उनके लोकसभा क्षेत्रों में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।मंत्रिमंडल के साथ हुई बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और शासन के कामकाज में सुधार के मुद्दों पर विचार किया गया। अंतिम सत्र में पार्टी के कोर ग्रुप ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
अंत्योदय की विचारधारा को जमीन पर उतारने का संदेश
स्मृति इरानी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन, सादगी तथा जनता के बीच रहकर काम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की रीति-नीति अंत्योदय पर आधारित है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ आम लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखना जरूरी है।रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार और संगठन को बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा, तभी जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सकेगा। दुर्ग के सांसद विजय बघेल के मुताबिक, स्मृति इरानी ने सांसदों से अलग-अलग चर्चा कर उनके क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के लाभ की स्थिति की जानकारी ली। राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने भी विचारधारा को जमीनी स्तर पर लागू करने और सरकार-संगठन के बीच तालमेल बेहतर बनाने पर चर्चा होने की बात कही।
मंत्रियों के कामकाज पर भी उठा सवाल
स्मृति इरानी ने रविवार को भी सत्ता और संगठन से जुड़े नेताओं के साथ कई बैठकें की थीं। मंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान उनके विभागों और प्रभार वाले जिलों से जुड़ा फीडबैक लिया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के कामकाज और उनकी ओर से कार्यकर्ताओं की बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिए जाने को लेकर शिकायतें कीं।इस संबंध में पूछे जाने पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने टिप्पणी करने से परहेज किया। वहीं, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिस व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है, उसके बारे में शिकायतें भी सामने आती हैं। बताया गया कि मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक समाप्त होने से करीब एक घंटे पहले ही बाहर निकल गए थे।
जनता से दूरी कम करने की कोशिश
बैठकों का मुख्य संदेश साफ रहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच अधिक समय बिताएं और सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। दीपावली पर जनता के साथ भोजन करने की पहल को भी जनसंपर्क मजबूत करने और आम लोगों से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती के साथ सरकार के कामकाज में बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया।