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BRICS Summit: PM Modi makes a strong call for UNSC reform, says change in global governance is now essential.
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के मंच से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के साथ वैश्विक वित्तीय संस्थानों में बदलाव की वकालत की। उन्होंने प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण को ग्लोबल रिफॉर्म के तीन प्रमुख आधार बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के मंच से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जोरदार पैरवी की। उन्होंने कहा कि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार अब टाला नहीं जा सकता। दुनिया को अगले 20 वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी और व्यापक एजेंडे के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल रिफॉर्म के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। इसकी शुरुआत BRICS की अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली में सुधार से होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण को तीन प्रमुख बिंदु बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि UN Security Council Reform के मुद्दे को अब और लंबित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने सुधार को लेकर बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणामों से जोड़ने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि वैश्विक वित्तीय संस्थानों में भी व्यापक सुधार आवश्यक है। वोटिंग पावर, नेतृत्व की भूमिका और नीतिगत प्राथमिकताएं मौजूदा आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। पीएम मोदी के मुताबिक, जो देश वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, उन्हें वैश्विक आर्थिक शासन में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए।
पीएम मोदी ने BRICS की वार्षिक बदलती अध्यक्षता के बीच संस्थागत निरंतरता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘Continuity and Implementation Mechanism’ बनाने का प्रस्ताव रखा।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस व्यवस्था से ट्रोइका प्रणाली के जरिए लिए गए फैसलों और पहलों पर लगातार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का सुझाव भी दिया, जिसमें प्रत्येक फैसले के नोडल पॉइंट, समय-सीमा और उसके कार्यान्वयन की स्थिति दर्ज हो।
पीएम मोदी ने कहा कि Global South वैश्विक संकटों का सामना करने में सबसे आगे है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में अभी भी पीछे है। उन्होंने दुनिया को ‘विशेषाधिकार के पिरामिड’ से निकलकर ‘साझेदारी के मंच’ की ओर बढ़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्ताव रखा कि BRICS देश वैश्विक शासन में सुधार के लिए 10 ठोस प्रस्ताव तैयार करें। इन प्रस्तावों को अगले शिखर सम्मेलन तक BRICS Reform Roadmap का रूप दिया जा सकता है।
पीएम मोदी का यह प्रस्ताव वैश्विक संस्थानों में विकासशील देशों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप वैश्विक संस्थानों में सुधार अब समय की आवश्यकता है।