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Baba Ramdev's major statement in Raipur: Says, Neither Hindus nor Muslims are in danger there is a need to focus on the country young generation
रायपुर। योगगुरु बाबा रामदेव रविवार को रायपुर पहुंचे। भोपाल से देहरादून जाते समय खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा रोकनी पड़ी, जिसके बाद उन्होंने रायपुर में रात्रि विश्राम किया। सोमवार सुबह वे देहरादून के लिए रवाना होंगे। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने देश की मौजूदा परिस्थितियों, शिक्षा, चिकित्सा, युवाओं के भविष्य और राष्ट्रहित से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
देश में धर्म और जाति को लेकर जारी बहस पर बाबा रामदेव ने कहा कि आज भारत में न हिंदू खतरे में है, न मुसलमान, न क्षत्रिय और न ही ब्राह्मण। उन्होंने कहा कि असली चिंता भारतीय बच्चों, युवाओं और देश के भविष्य को लेकर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में किसी धर्म या जाति के खतरे में होने की चर्चा करने के बजाय भारतीय बचपन और देश की जवानी पर ध्यान देने की जरूरत है। उनके मुताबिक देश के वर्तमान और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल हैं।
बाबा रामदेव ने आंदोलनों में बच्चों और युवाओं के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन होना चाहिए, लेकिन देश के बच्चों का इस्तेमाल किसी आंदोलन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को देश के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का अवसर मिलना चाहिए और समाज को उनके भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचना होगा।
बाबा रामदेव ने देश की शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को चिंता का विषय बताया। उनका कहना था कि देश की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए केवल सरकार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था का लाभ लेने वाले लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।
बाबा रामदेव ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए एक अलग सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था का लाभ लेने वाले लोगों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना चाहिए और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना चाहिए।
उनके मुताबिक इससे सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में समाज और व्यवस्था दोनों की जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने व्यवस्था में सुधार के लिए सामूहिक पुरुषार्थ की जरूरत बताई।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के अपमान के आरोपों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अभी तक नहीं देखा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से लेकर देश की एकता और अखंडता तक के मुद्दों पर सभी को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रहित और राष्ट्रधर्म सर्वोपरि होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और देश की व्यवस्थाओं को लेकर बाबा रामदेव ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उम्मीद करना उचित नहीं है कि केवल एक प्रधानमंत्री देश की सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह ठीक कर देगा।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की नीतियों से देश में बहुत कुछ अच्छा हुआ है और इसे नकारना गलत होगा। लेकिन यह कहना भी सही नहीं है कि देश में सब कुछ अच्छा हो गया है। देश की परिस्थितियों को न्यायपूर्ण दृष्टि से देखने की जरूरत है।
बाबा रामदेव ने कहा कि देश की समस्याओं को केवल रोजगार और नौकरियों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। पर्यावरण समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी देश के सामने हैं।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, रोजगार और सामाजिक व्यवस्था जैसे सभी क्षेत्रों पर एक साथ ध्यान देना जरूरी है।
बाबा रामदेव ने कहा कि देश की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।