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Badrinath Dham donation and offering dispute: Probe report expected in 10 days; BKTC Chairman says, 'The truth will be fully revealed.'
ऋषिकेश। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर श्री बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच तेज कर दी है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चार सदस्यीय जांच समिति अगले 10 दिनों के भीतर पूरी सच्चाई सामने लाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चंदा या चढ़ावा चोरी का मामला नहीं है, लेकिन आरोपों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज में बीकेटीसी के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल मोबाइल फोन के नीचे नोटों के बंडल ले जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद मंदिर समिति ने उन्हें बदरीनाथ से हटाकर देहरादून कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इससे पहले उन्हें चढ़ावे की गणना और प्रोटोकॉल से जुड़ी जिम्मेदारियों से भी मुक्त किया जा चुका था।
ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में सोमवार को जांच समिति की बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक में पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई और जांच की प्रगति की समीक्षा की गई। हालांकि समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (केदारनाथ) डीएस भुजवाण बैठक में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि उन्हें मामले की जांच के लिए बदरीनाथ भेजा गया है।
उधर, दान-चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप लगाने वाली भैरव सेना ने विभागीय जांच पर सवाल उठाते हुए इसे "ढोंग" करार दिया है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
भैरव सेना ने 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि फुटेज में मंदिर समिति के एक कर्मचारी की संदिग्ध गतिविधियां कैद हैं और यदि इसे सार्वजनिक किया जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भरोसा दिलाया है कि जांच समिति तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करेगी और 10 दिनों के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शिता के साथ जांच पूरी की जाएगी।