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Repeatedly violating traffic rules will lead to license suspension and require retaking the driving test.
नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार मोटर वाहन कानून में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, लाइसेंस दोबारा सक्रिय कराने के लिए अधिकृत ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में नया ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों से लंबे विमर्श और मंत्री-समूह की सहमति के बाद संशोधन प्रस्ताव तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि यह विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्री-समूह की बैठक में मोटर वाहन कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। करीब दो वर्षों तक राज्यों के साथ चर्चा के बाद इस पर सहमति बनी है।
सरकार का मानना है कि कई वाहन चालक ई-चालान की व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लेते और बार-बार नियम तोड़ते रहते हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार वाहन पोर्टल के माध्यम से लंबित चालानों की निगरानी की जाएगी। यदि किसी चालक द्वारा लगातार नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसका लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकेगा।
प्रस्ताव में यह भी व्यवस्था की जा रही है कि गंभीर और लगातार उल्लंघन करने वाले वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र तथा प्रदूषण जांच (पीयूसी) से संबंधित सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सके। इससे वाहन मालिकों पर जुर्माना भरने और नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा।
निलंबित ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए वाहन चालक को सरकार से अधिकृत ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। टेस्ट पास करने के बाद ही लाइसेंस पुनः जारी किया जाएगा।
केंद्र सरकार का कहना है कि लापरवाही से वाहन चलाने वाले न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में डालते हैं। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों में सख्ती जरूरी है।