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‘Beema Ki Baat’ (Talk About Insurance) campaign to be rolled out across all 33 districts of Chhattisgarh; SBI Life launches awareness initiative
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘बीमा की बात’ अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत रायपुर से एक विशेष कैंटर वैन रवाना की गई, जो राज्य के सभी 33 जिलों में पहुंचकर लोगों को जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करेगी। यह अभियान भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन के अनुरूप शुरू किया गया है।
आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर की जिम्मेदारी एसबीआई लाइफ को सौंपी गई है। इसी भूमिका के तहत कंपनी स्थानीय स्तर पर लोगों तक बीमा संबंधी जानकारी पहुंचाने और उन्हें अपने तथा अपने परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है।
‘बीमा की बात’ अभियान के तहत रवाना की गई कैंटर वैन में एलईडी के जरिए ऑडियो-विजुअल सामग्री दिखाई जाएगी। इसमें छत्तीसगढ़ी भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोग बीमा से जुड़ी जानकारियों को आसानी से समझ सकें। इंटरैक्टिव मॉड्यूल के माध्यम से जीवन बीमा की उपयोगिता को सरल और स्थानीय संस्कृति से जोड़कर समझाया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि जीवन बीमा केवल एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी करने का माध्यम भी है।
एसबीआई लाइफ के अनुसार, देश में बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को आंकड़े भी रेखांकित करते हैं। आईआरडीएआई की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के मुताबिक, भारत में बीमा की पहुंच 3.7 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक औसत 7.3 प्रतिशत है। वहीं, जीवन बीमा की पहुंच 2.8 प्रतिशत से घटकर 2.7 प्रतिशत रह गई है।
ये आंकड़े बताते हैं कि बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को सरल और उनकी जरूरतों के अनुरूप जानकारी उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इसी दिशा में ‘बीमा की बात’ अभियान के जरिए राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों तक सीधे पहुंचने की योजना बनाई गई है।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के पश्चिम क्षेत्र के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि देश में वित्तीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए लोगों को जीवन बीमा की भूमिका समझना जरूरी है। कई समुदायों में अब भी इसे लेकर जागरूकता की कमी है। छत्तीसगढ़ में लीड इंश्योरर के रूप में कंपनी ऐसी पहलों के माध्यम से इस कमी को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ‘बीमा की बात’ आईआरडीएआई के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। यह कंपनी की सोच ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ को भी दर्शाता है। वित्तीय सुरक्षा लोगों के सपनों को पूरा करने, परिवारों को सुरक्षित रखने और देश को मजबूत बनाने में मदद करती है।
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त सचिव आईएएस डॉ. रोहित यादव ने कहा कि ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन का उद्देश्य हर भारतीय परिवार तक आसान, किफायती और जरूरत के अनुरूप बीमा सुरक्षा पहुंचाना है। इसके लिए जरूरी है कि लोगों को उनकी भाषा में स्पष्ट जानकारी मिले, ताकि वे अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सही फैसले ले सकें।
उन्होंने ‘बीमा की बात’ पहल को इस दिशा में सार्थक कदम बताते हुए कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। इस तरह की पहल लोगों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के महत्व को समझने में मदद कर सकती है।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के एडिशनल डायरेक्टर अंकित मोदी, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के पश्चिम क्षेत्र के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव और भोपाल के रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
एसबीआई लाइफ का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से राज्य में जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोग अपने और अपने परिवार के दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य को लेकर बेहतर जानकारी के साथ निर्णय ले सकें।