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CG News: Bharatmala Project compensation scam: ED intensifies investigation into role of politicians and officials
रायपुर। राज्य में निर्माणाधीन भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मुआवजा घोटाले में अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों सहित कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीद, फिर लिया मुआवजा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिन इलाकों से प्रोजेक्ट गुजर रहा था, वहां कुछ नेताओं ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी। बाद में उन्हीं जमीनों का अधिग्रहण कर भारी मुआवजा लिया गया। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) ने मुआवजे के प्रकरण तैयार कर कलेक्टर को भेजे, जिन पर हस्ताक्षर के बाद राशि जारी की गई।
ईडी की छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
ईडी ने 27 अप्रैल को नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनसे नेताओं की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, एक बड़े भाजपा नेता से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
कोरबा में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के संकेत
मामले में रायपुर के बाद सबसे अधिक अनियमितताएं कोरबा जिले में सामने आई हैं। यहां मुआवजे का वितरण कथित तौर पर मनमाने तरीके से किया गया।ईडी कोरबा के तत्कालीन दो महिला और एक पुरुष कलेक्टर की भूमिका की अलग से जांच कर रही है। आरोप है कि मुआवजा वितरण में भारी कमीशनखोरी हुई।
पूर्व मंत्री, विधायक और बिचौलियों पर भी शिकंजा
जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ईडी पूर्व मंत्रियों, विधायकों और भाजपा, कांग्रेस व जोगी कांग्रेस से जुड़े नेताओं की भूमिका की पड़ताल कर रही है। करीब दो दर्जन प्रॉपर्टी डीलरों और बिचौलियों के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के रिश्तेदारों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, जिनके माध्यम से लेन-देन के सुराग मिले हैं।
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई, 10 गिरफ्तार
इस पूरे मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पहले ही एफआईआर दर्ज कर जांच पूरी कर ली है। ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पटवारी, राजस्व निरीक्षक, प्रॉपर्टी डीलर और कुछ किसान भी शामिल हैं।
एजेंसी जल्द ही इस मामले में अंतिम चालान पेश करने की तैयारी में है।
बड़े खुलासों की संभावना
मामले में जिस तरह से राजनीतिक और प्रशासनिक कड़ियां सामने आ रही हैं, उससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ईडी की जांच अब उच्च अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर केंद्रित है, जिससे घोटाले का दायरा और स्पष्ट हो सकेगा।