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Bhilai's Geetansh Bamania scripts history; Rentomojo's ₹1,266 crore IPO oversubscribed.
भिलाई। भिलाई में पले-बढ़े और सेक्टर-10 से शिक्षा हासिल करने वाले युवा उद्यमी गीतांश बामनिया ने अपनी कंपनी रेंटोमोजो के जरिए कारोबार की दुनिया में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने करीब ₹1,266 करोड़ का आईपीओ जारी किया, जिसे निवेशकों की ओर से अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली और यह ओवरसब्सक्राइब हो गया। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 17 सितंबर 2026 को हुई।
गीतांश बामनिया का जन्म भिलाई में हुआ और उनकी शुरुआती शिक्षा सेक्टर-10 में हुई। पढ़ाई के बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में कदम रखा और KPMG तथा Flipkart जैसी कंपनियों में काम किया। यहां मिले अनुभव ने आगे चलकर उनके उद्यमी सफर की नींव तैयार की।
नौकरी के अनुभव के बाद गीतांश ने अपना पहला स्टार्टअप 'क्लिक टू स्किल' शुरू किया। हालांकि, इस बिजनेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने 'होप मंकी' नाम से एक संस्था शुरू की, जिसका काम क्राउडफंडिंग से जुड़ा था। इस प्रयास में भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले।
लगातार दो उद्यमों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बावजूद गीतांश ने प्रयास जारी रखा। वर्ष 2012 में उन्होंने 'रेंटोमोजो' की शुरुआत की। यह प्लेटफॉर्म लाइफस्टाइल से जुड़े सामान को किराये पर उपलब्ध कराने के बिजनेस मॉडल पर आगे बढ़ा। इस बार उनका प्रयोग सफल रहा और कंपनी ने धीरे-धीरे अपने कारोबार का विस्तार किया।
कोविड-19 महामारी के दौरान जब बड़ी संख्या में कंपनियां वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही थीं, उस दौर में भी रेंटोमोजो ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कंपनी ने महामारी के समय लाभ अर्जित किया, जिसने उसके बिजनेस मॉडल और संचालन क्षमता को लेकर बाजार का ध्यान आकर्षित किया।
रेंटोमोजो का करीब ₹1,266 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा में रहा। सार्वजनिक निर्गम को उम्मीद से अधिक प्रतिक्रिया मिली और यह ओवरसब्सक्राइब हुआ। इसके बाद कंपनी की 17 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई।
गीतांश बामनिया की कहानी में खास बात यह है कि सफलता तक पहुंचने से पहले उन्होंने दो अलग-अलग स्टार्टअप में असफलता का सामना किया। इसके बावजूद उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे और तीसरे बड़े प्रयास रेंटोमोजो को सफल कंपनी में बदल दिया। भिलाई से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले गीतांश की यह यात्रा शहर के युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।