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Bhopal: Assumption of office with a convoy of 250 vehicles, PM's appeal questioned
भोपाल। मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त चेयरमैन सौभाग्य सिंह का पदभार ग्रहण समारोह चर्चा का विषय बन गया। वे उज्जैन से भोपाल लगभग 200 से 250 वाहनों के विशाल काफिले के साथ पहुंचे, जिससे पूरे मार्ग पर लंबा जाम और लोगों में हैरानी का माहौल देखा गया।
वीआईपी काफिले ने खींचा ध्यान
सोमवार शाम जब यह काफिला भोपाल शहर में दाखिल हुआ, तो सड़क पर मौजूद लोग बड़ी संख्या में वाहनों की लाइन देखकर चौंक गए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां इसे शक्ति प्रदर्शन और संसाधन के अनावश्यक उपयोग के रूप में देखा गया।
ईंधन बचत की अपील और जमीनी हकीकत में अंतर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर चुके हैं। लेकिन इसी बीच इतने बड़े काफिले का इस्तेमाल होने पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरकारी अपील का पालन जमीनी स्तर पर हो रहा है या नहीं।
अन्य नियुक्तियों में भी दिखा समर्थकों का रेला
रिपोर्ट के अनुसार केवल सौभाग्य सिंह ही नहीं, बल्कि लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह भी अपने पदभार ग्रहण के दौरान समर्थकों के साथ पहुंचे। हालांकि वे खुद ई-रिक्शा से आए, लेकिन उनके पीछे बड़ी संख्या में वाहन चलते देखे गए।
सरकारी नियुक्तियों के बाद बढ़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
हाल ही में मध्य प्रदेश में विभिन्न निगम और मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां की गई हैं। इसके बाद पदभार ग्रहण समारोहों में समर्थकों की भीड़ और काफिलों की संख्या बढ़ने लगी है, जिसे लेकर प्रशासन और जनता दोनों में चर्चा तेज हो गई है।
सार्वजनिक संदेश पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में सादगी और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से सरकारी संदेश और व्यवहार के बीच अंतर साफ दिखाई देता है।