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उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने, बिजली गिरने और टीन शेड उड़ने जैसी घटनाओं में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और दक्षिण राजस्थान से आ रही पूरवा हवाओं के असर से कई इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। बुधवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और शाम तक कई जिलों में भीषण तूफान का रूप ले लिया।
प्रदेश के कई जिलों में जनहानि हुई है। भदोही और प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा 10-10 लोगों की मौत दर्ज की गई। फतेहपुर में 8, उन्नाव में 7, बदायूं में 6, बरेली में 4, सीतापुर में 2 और रायबरेली में 1 व्यक्ति की जान गई। इसके अलावा हरदोई, झांसी, कानपुर देहात, संभल और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में भी हादसे हुए हैं।
उन्नाव जिले में तेज आंधी और बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। दही थाना क्षेत्र में आम का पेड़ गिरने से 70 वर्षीय किसान राम आश्रय की मौत हो गई, जबकि आसीवन थाना क्षेत्र में यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से 9 वर्षीय अंश की जान चली गई। दो अन्य गंभीर घायलों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
तूफान के चलते कई जिलों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़क मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह मकानों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा।
मौसम विभाग ने लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़ और बांदा समेत 38 जिलों में अगले कुछ घंटों के लिए तेज बारिश, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले एक-दो दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। इसके बाद 15 मई से तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है और कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने, घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए हैं।