

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Bhupesh Baghel attacks PM Modi, also takes a dig at Rambhadracharya and Dhirendra Shastri
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसा। बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे रामभद्राचार्य से विनम्र निवेदन करते हैं कि अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री से कहकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री से पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की “पर्ची” निकलवाई जाए।
ट्रंप के सामने मोदी के झुकने पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि रामभद्राचार्य बड़े ज्ञानी और गुणी संत हैं, इसलिए वे अपनी “दिव्यदृष्टि” से यह भी बताएं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने झुक क्यों जाते हैं।
किरण रिजिजू को लेकर भी घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का जिक्र करते हुए कहा कि रामभद्राचार्य स्वयं गौभक्त और रामभक्त हैं, ऐसे में वे यह बताएं कि प्रधानमंत्री मोदी ने गो-मांस भक्षक कहे जाने वाले किरण रिजिजू को मंत्रिमंडल में शामिल किया है, क्या यह उचित है।
‘मेलोडी’ टिप्पणी से भी साधा निशाना
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश गए, मेलोनी से मिले और वहां “मेलोडी” हो गया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ” वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार जनता को डॉलर बचाने के लिए सोना और तेल कम खरीदने तथा विदेश यात्रा से बचने की सलाह दे रही है, जबकि उनके करीबी उद्योगपति अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश की “जेन जी” मौजूदा व्यवस्था से पूरी तरह असंतुष्ट है। चुनाव जीतना अलग बात है, लेकिन युवा रोजगार को लेकर सवाल पूछ रहे हैं और सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
चरणदास महंत ने भी साधा था निशाना
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे भाजपा के प्रचारक की तरह काम कर रहे हैं और धार्मिक मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए कर रहे हैं।