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Big action on Ayushman scheme in Chhattisgarh, registration of 11 private hospitals canceled
रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के उपचार में गड़बड़ी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने 11 निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने इन अस्पतालों का योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया है। इसके चलते अब संबंधित अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों का उपचार नहीं हो सकेगा। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन पर आर्थिक दंड लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज में अनियमितता की शिकायतें मिल रही थीं। इनकी जांच के लिए विभाग ने विशेष टीम गठित की थी। इसी कड़ी में 30 सितंबर को राज्य स्तरीय जांच दल ने रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कवर्धा, कोंडागांव और कोरबा के विभिन्न अस्पतालों में अचानक निरीक्षण किया।जांच के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों को दिए जा रहे उपचार और उससे संबंधित दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस प्रक्रिया में कई तरह की खामियां सामने आईं।
जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिले जवाबों का परीक्षण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद पंजीयन निरस्त करने का निर्णय लिया गया।विभाग अब संबंधित अस्पतालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी में भी जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत होने वाले उपचार की निगरानी और सख्त होने के संकेत हैं। विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि योजना के लाभार्थियों को नियमानुसार उपचार मिले और सरकारी स्वास्थ्य योजना का दुरुपयोग न हो।