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Big change in Bihar politics, Nitish Kumar reaches Rajya Sabha... takes oath as Rajya Sabha member
पटना। बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। यह शपथ राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपने कार्यालय में दिलाई। इस कदम के साथ नीतीश कुमार ने देश की सभी प्रमुख विधायी संस्थाओं जैसे विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा में सेवा करने का दुर्लभ रिकॉर्ड बना लिया है।
दो दशक के शासन के अंत की चर्चा तेज
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि नीतीश कुमार के लगभग 20 वर्षों के मुख्यमंत्री कार्यकाल का यह अंतिम चरण हो सकता है। माना जा रहा है कि वे 14 अप्रैल तक अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था की संभावनाएं बन रही हैं।
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत हुए हरिवंश सिंह
राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश सिंह को राष्ट्रपति ने एक बार फिर राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की खाली सीट पर उन्हें नामित किया। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था।
राजनीतिक समीकरणों में नया संकेत
सूत्रों के अनुसार जदयू ने अपने कोटे से हरिवंश सिंह की जगह नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा है, जबकि राष्ट्रपति कोटे से उनका पुनः मनोनयन किया गया। इसे भाजपा और हरिवंश सिंह के बीच मजबूत राजनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई सरकार की तैयारी के संकेत
राजनीतिक हलचल के बीच यह भी चर्चा है कि 15 अप्रैल के बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन हो सकता है। इससे राज्य की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
इन घटनाक्रमों के साथ बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। जहां एक ओर लंबे कार्यकाल के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में नए और पुराने चेहरों की वापसी से राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।