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Big news: US military's 'secret operation' successful, Maduro captured and brought to New York, causing global panic.
नई दिल्ली। वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। Nicolas Maduro Arrest के तहत शनिवार को एक असाधारण अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में उन्हें उनके आवास से हिरासत में लेकर अमेरिका लाया गया। मादुरो की रात न्यूयॉर्क की जेल में बीती और सोमवार को उन्हें मैनहटन स्थित संघीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
नार्को आतंकवाद साजिश का सामना करेंगे
मादुरो पर वर्ष 2020 में नार्को आतंकवाद साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए थे। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। अमेरिकी डीईए के मुख्यालय में ले जाते हुए मादुरो का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे हिरासत के दौरान मुस्कुराते दिखे।
वेनेजुएला में अंतरिम राष्ट्रपति की नियुक्ति
इस घटनाक्रम के बीच वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रोड्रिग्ज को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, जो मादुरो से भी ज्यादा हो सकती है।
अमेरिका के भीतर विरोधाभासी बयान
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्रंप के उस दावे से अलग रुख अपनाया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका वेनेजुएला का शासन अपने हाथ में लेगा। रूबियो ने साफ किया कि अमेरिका का उद्देश्य शासन चलाना नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और भारत की प्रतिक्रिया
Nicolas Maduro Arrest को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बैठक बुलाई है और यूएन चार्टर के उल्लंघन पर सवाल उठाए गए हैं। भारत ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताते हुए संतुलित और सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।