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Big tree plantation campaign in Bhilai Steel Plant on World Environment Day
भिलाई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited) एवं भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के संकल्प के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान में “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और प्रधानमंत्री की प्रेरणा से संचालित राष्ट्रीय अभियान से जुड़कर आगे बढ़ाया गया, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में ठोस प्रयास करना है।

कार्यक्रम में संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, एनसीसी कैडेट्स तथा खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहते हुए, उनके संरक्षण और पूर्ण रूप से विकसित होने तक नियमित देखभाल का भी सामूहिक संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज चितरंजन महापात्र, अधिशासी निदेशक पवन कुमार तथा रावघाट परियोजना के अधिशासी निदेशक अरुण कुमार ने स्वयं वृक्षारोपण कर अभियान में भागीदारी निभाई और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

रावघाट परियोजना के कार्यपालक निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष एक विशेष थीम पर मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का फोकस जलवायु और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “5 जून को वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम क्लाइमेट से जुड़ी है। रावघाट में हमने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कर्मचारी और अन्य सभी हितधारकों को शामिल किया गया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक कर्मचारी के नाम पर एक पौधा लगाया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और कंपनी सतत विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य है कि प्रकृति से जो संसाधन प्राप्त होते हैं, उनका संतुलित रूप से उपयोग कर पर्यावरण को वापस योगदान दिया जाए।

यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि समाज में हरित चेतना और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।
भिलाई इस्पात संयंत्र की यह पहल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन न्यूट्रल भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में देखी जा रही है।