

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Chhattisgarh: Biggest crackdown on betting business after Mahadev app, lookout circular issued against three big bookies
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बड़े फरार सटोरियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। दुर्ग के चर्चित महादेव सट्टा एप मामले के बाद यह प्रदेश में किसी सट्टा सिंडिकेट पर दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिलासपुर पुलिस की अनुशंसा पर यह सर्कुलर जारी किया है, जिसके बाद आरोपी अब देश छोड़कर विदेश नहीं भाग सकेंगे।
तीन बड़े सटोरियों पर शिकंजा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फरार सटोरियों में राज चेतानी, रोहित पंजवानी और सागर चेतवानी के नाम शामिल हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर जिले के विभिन्न थानों में सट्टेबाजी, धोखाधड़ी और जुआ एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार चल रहे ये आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।
दूसरे राज्यों से चला रहे थे ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट
जांच में सामने आया है कि आरोपी छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर ऑनलाइन सट्टा एप और आधुनिक तकनीकों के जरिए बिलासपुर समेत आसपास के जिलों में बड़े स्तर पर सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस को आशंका थी कि बढ़ते दबाव के बीच आरोपी फर्जी दस्तावेजों या अन्य माध्यमों से विदेश भागने की तैयारी में हैं।
नेपाल और दुबई को बनाया सुरक्षित ठिकाना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी राज चेतानी कोलकाता में छिपकर पूरे सट्टा नेटवर्क को संचालित कर रहा है। जांच एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि ऐसे सटोरिए गिरफ्तारी से बचने के लिए अक्सर नेपाल और दुबई जैसे देशों का सहारा लेते हैं, जिन्हें वे सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
देश छोड़ने पर लगी रोक
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सट्टा और जुए के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब तीनों आरोपी देश छोड़कर विदेश नहीं जा सकेंगे।
संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रदेश में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी और संपत्ति की जांच की जा सकती है।