

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Bijapur Deputy Collector Dilip Uikey suspended after woman constable alleges physical abuse
बीजापुर। बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। मामला कुछ माह पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज हुआ था। महिला आरक्षक ने उन पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए हैं।
मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में शिकायत
महिला आरक्षक ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में विस्तृत शिकायत भी सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीजापुर जिला प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को संरक्षण दिया और नियमों के विरुद्ध अवकाश स्वीकृत किए गए। महिला ने अपने आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं।
2017 से शुरू हुआ संबंध
शिकायत के अनुसार वर्ष 2017 में जब महिला डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी, तभी उसकी दिलीप उइके से मुलाकात हुई। दोनों के बीच बातचीत प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि शादी का वादा कर आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाए।
महिला का कहना है कि मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती होने पर आरोपी ने पढ़ाई और नौकरी का हवाला देकर शादी टाल दी और दवा देकर गर्भपात कराया।
आर्थिक सहयोग और कथित शोषण
अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई। उसने आरोप लगाया कि शादी की उम्मीद में वह हर माह 4-5 हजार रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर करती रही, जिससे उसकी पढ़ाई और कोचिंग का खर्च चलता रहा।
वर्ष 2020 में पीएससी परीक्षा में सफल होकर दिलीप उइके डिप्टी कलेक्टर बने और बीजापुर में पदस्थ हुए। इसके बाद भी शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।
तीन बार गर्भपात का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि जनवरी, फरवरी-मार्च और 15 मई 2025 को गर्भवती होने पर उसे जबरन गर्भपात की दवा दी गई। साथ ही बैंक से लोन लेकर 3.30 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर करने की बात भी शिकायत में कही गई है।
कार खरीद-फरोख्त को लेकर भी विवाद का उल्लेख किया गया है। महिला का आरोप है कि पहले उसके नाम पर वाहन खरीदा गया और बाद में राशि ट्रांसफर कर उसे अपने नाम कर लिया गया।
FIR दर्ज, निलंबन की कार्रवाई
महिला की शिकायत पर डौंडी थाना में FIR दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।