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Bizarre case of financial irregularity in the School Education Department; clerk drew a lecturer's pay scale.
महासमुंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन आहरण से जुड़ी वित्तीय अनियमितता का एक अनोखा मामला सामने आया है। स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 लिपिक नारायण प्रसाद निर्मलकर ने कथित तौर पर खुद को व्याख्याता एलबी बताकर आठ माह तक बढ़ा हुआ वेतन ले लिया।
इस मामले में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को भी निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋृतुराज रघुवंशी ने 18 सितंबर को दोनों के निलंबन का आदेश दिया। आदेश में दोनों की प्रारंभिक संलिप्तता पाए जाने की बात कही गई है। जांच में पता चला, कि नारायण प्रसाद प्राचार्य से डिजिटल हस्ताक्षर कराकर वेतन देयक को कोषालय भेजता था। मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उसने खुद का नाम व्याख्याता एलबी लेवल-नौ में दर्ज कर दिया। इसी आधार पर वेतन निर्धारण में भी बढ़ोतरी कर दी। जांच में पता चला है, कि एक अन्य व्याख्याता को भी निर्धारित वेतन से अधिक का भुगतान किया गया है। इस मामले में कलेक्टर विनय कुमार ने एफआइआर के निर्देश दिए थे, लेकिन नौ माह बाद भी अब तक एफआइआर दर्ज नहीं हुई है।
आपको बता दें, कि यह मामला जनवरी 2026 में तब सामने आया जब रायपुर स्थित संचालनालय कोष एवं लेखा के अधिकारियों ने सिरपुर स्कूल के वेतन आहरण में असामान्य बढ़ोतरी देखी। इसके बाद जांच की गई, तो इसमें लिपिक के पदनाम और वेतन में बदलाव का खुलासा हुआ। आठ माह तक बढ़ा हुआ वेतन निकलता रहा, लेकिन स्कूल स्तर से लेकर बीईओ, डीईओ कार्यालय और जिला कोषालय के स्तर पर यह गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई। हर माह वेतन पत्रक की जांच के बावजूद अनियमितता सामने नहीं आई।
इस मामले में महासमुंद के डीईओ बीएल देवांगन ने कहा है, कि लोक शिक्षण संचालक ने 18 सितंबर को पत्र जारी कर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है। दस्तावेजों की जांच के उपरांत जल्द ही एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।