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Boosted the morale of the soldiers in the Karregutta hills; honored talented students and workers at the district-level state festival (Rajyotsav).
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बीजापुर में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की चुनौतियों से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर बन रहे हैं। अब बस्तर की पहचान गोलियों की गूंज से नहीं, बल्कि विकास, खुशहाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।
बीजापुर प्रवास के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनके साहस, शौर्य और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के प्रयासों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र में शांति एवं विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
मंत्री ने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को गति मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ दूरस्थ गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी सुविधाएं पहुंचाना है।
कर्रेगुट्टा क्षेत्र में निर्माण और विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों को मंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति मिल रही है। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
बीजापुर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित राज्योत्सव में मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जुड़कर अपने हुनर को विकसित करने का आह्वान किया।
राज्योत्सव के दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं। दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना जरूरी है।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। मंत्री ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन सभी की जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा कि विकसित बस्तर का संकल्प तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा, हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। सुरक्षा बलों के प्रयासों से मजबूत हो रहे शांति के वातावरण को विकास, विश्वास और जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।