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CBI arrests IPS officer Deepak Gehlawat for allegedly demanding a bribe of ₹3 crore; major revelation in the spurious medicine scam.
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को नकली दवा घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने घोटाले के मुख्य आरोपी को CBI जांच में राहत दिलाने के बदले 3 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मामले में जांच एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला वर्ष 2025 में पुडुचेरी में सामने आए बड़े नकली और मिलावटी दवा रैकेट से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस और CBI-CID की संयुक्त कार्रवाई में करीब 5 हजार करोड़ रुपये की नकली दवाइयां और कच्चा माल बरामद किया गया था। मामले के मुख्य आरोपी एन. राजा को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और राजकुमार का नाम भी सामने आया। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने आरोपी से संपर्क कर मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया था।
CBI की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एन. राजा ने 1 करोड़ रुपये प्रभात नामक एक बिचौलिये को दिए थे, जिसे आईपीएस दीपक गहलावत का करीबी बताया जा रहा है। जांच में आगे यह भी सामने आया कि कुल 3 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। उस समय दीपक गहलावत नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात थे।
CBI अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि रिश्वत मांगने और जांच को प्रभावित करने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।