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General Dheeraj Seth becomes the new Chief of Army Staff, Air Marshal Ashutosh Dixit will take over as the Vice Chief of Air Staff.
नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों में मंगलवार को शीर्ष स्तर पर अहम नेतृत्व परिवर्तन हुआ। जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें सेनाध्यक्ष (सीओएएस) के रूप में कार्यभार संभाल लिया, जबकि एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना के अगले उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ) नियुक्त किए गए हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को व्यापक परिचालन अनुभव और सैन्य नेतृत्व के लिए जाना जाता है।
जनरल धीरज सेठ ने 40 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लिया। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने ऐसे समय में 13 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना की कमान संभाली है, जब सेना सीमाओं पर लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
आर्मर्ड कोर के अधिकारी जनरल सेठ के नाम पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल आर्मी कमांड का नेतृत्व करने की विशिष्ट उपलब्धि दर्ज है। वे 1997 में जनरल शंकर रायचौधरी के बाद कॉम्बैट ब्रांच से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी हैं।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। सेना के उप प्रमुख के रूप में सेवाएं देने के बाद वे अब सेना प्रमुख बने हैं। रणनीतिक योजना और सेना के आधुनिकीकरण में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा जाता है।
सेवानिवृत्त होते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने उत्तराधिकारी की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि जनरल सेठ एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं तथा उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, पेशेवर उत्कृष्टता और दृढ़ संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
भारतीय वायु सेना में भी नेतृत्व परिवर्तन के तहत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने वायु सेना के अगले उप प्रमुख के रूप में पदभार संभालने की तैयारी पूरी कर ली है। वे एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लेंगे, जो मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। विदाई समारोह में एयर मार्शल कपूर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को दिसंबर 1986 में भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उनके पास 3,300 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। उनकी नियुक्ति से वायु सेना के परिचालन और आधुनिकीकरण कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।