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CG Education News: Teachers' attendance to be recorded on the VSK app starting July; salary disbursement to be based on this; School Education Minister issues strict directives.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि जुलाई 2026 से अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का वेतन VSK ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा। हालांकि विभाग ने ऐप पर पंजीयन और नियमित उपस्थिति दर्ज कराने के लिए फिलहाल एक महीने की अतिरिक्त राहत दी है। जून माह की उपस्थिति के आधार पर किसी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी।
यह निर्णय मंत्रालय स्थित महानदी भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में विभागीय योजनाओं, शिक्षण गुणवत्ता, विद्यालय संचालन और बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए और 31 जुलाई तक उन्हें दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने उपस्थिति निगरानी का दायरा बढ़ाते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, कार्यालयों में कार्यरत बाबू और चपरासियों तक को शामिल कर लिया है। संचालनालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो सभी जिलों से उपस्थिति की निगरानी करेगा।
विभाग ने पहले ही जिला और विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जिलों में इसका पालन नहीं हुआ। इस पर संचालनालय ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए। इसके बाद सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कर दी गई।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े याद होने चाहिए, जबकि माध्यमिक स्तर के छात्रों को 25 तक के पहाड़े के साथ हिंदी और अंग्रेजी की धाराप्रवाह पढ़ने की क्षमता विकसित कराई जाए। इसके लिए शिक्षकों और अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को तत्काल उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों की सूची तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से उन्हें ध्वस्त करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी सहित सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।