

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CG Liquor Scam: Liquor reached the market despite destruction orders... Probe begins into a multi-crore racket at the Siltara warehouse.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शराब भंडारण और वितरण व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि जिन शराब की बोतलों और पेटियों को विभाग ने नष्ट करने के निर्देश दिए थे, उन्हें नियमों के विपरीत बाजार में बेच दिया गया। सिलतरा स्थित वेयरहाउस में सामने आए इस कथित घोटाले के बाद आबकारी विभाग ने जांच शुरू कर दी है और वेयरहाउस प्रभारी को पद से हटा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग ने 12 मई 2026 को 7,509 बॉक्स में रखी 13,566 शराब की बोतलों को नष्ट करने का आदेश जारी किया था। आरोप है कि इस स्टॉक का बड़ा हिस्सा नष्ट होने के बजाय अवैध तरीके से बाजार में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि इस शराब को कोचियों और अवैध कारोबारियों के माध्यम से खपाया गया।
जांच में परिवहन के दौरान होने वाली कथित 'ब्रेकेज' छूट भी जांच के दायरे में है। नियमों के तहत परिवहन के दौरान 0.25 प्रतिशत तक टूट-फूट की छूट दी जाती है। आरोप है कि इसी प्रावधान का दुरुपयोग करते हुए फर्जी टूट-फूट दर्ज की गई और सुरक्षित शराब को रिकॉर्ड में क्षतिग्रस्त दिखाकर बाहर बेच दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक छह महीने तक बिना बिके स्टॉक को सरप्लस घोषित किए जाने की प्रक्रिया का भी कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि डेमरेज शुल्क से बचने के लिए पुराने स्टॉक को रिकॉर्ड में अलग दिखाकर अवैध रूप से बाजार में पहुंचाया जाता रहा।
प्रारंभिक जांच में सेवन हिल्स बीयर, बडवाइजर और इंपीरियल ब्लू जैसे ब्रांडों की कई पेटियां संदिग्ध पाई गई हैं। आरोप है कि इन्हें क्षतिग्रस्त या एक्सपायरी बताकर रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जबकि बाद में इन्हें अवैध रूप से बेच दिया गया।
मामले के सामने आने के बाद सिलतरा वेयरहाउस की प्रभारी दीप मसीह को हटा दिया गया है। इसके साथ ही आबकारी विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए करीब 30 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती, बालोद, बेमेतरा, धमतरी, कोरबा और बलरामपुर समेत कई जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए राजनीतिक संरक्षण में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
आबकारी विभाग के आयुक्त पी. एस. एत्मा ने कहा कि जिन शराब की खेप को नष्ट करने का आदेश दिया गया था, यदि वह बाजार में बेची गई है तो यह बेहद गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।