Big revelation about Bijapur encounter
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में बीते गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई। इस संघर्ष में तक़रीबन 26 नक्सली मारे गए, जिसमे से कुछ 18 नक्सलियों की पहचान की जा चुकी है। वहीं, बताया जा रहा है कि, इनपर कुल 53 लाख का इनाम घोषित था। बाकी अन्य नक्सलियों की शिनाख्ती की जा रही है। वहीं, बीजापुर कलेक्टर और एसपी ने नक्सलियों से बरामद हथियारों का निरिक्षण कर जायजा लिया। इसके आलावा अब जाकर इस नक्सल ऑपरेशन को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, इस नक्सल ऑपरेशन का पूरा मास्टर प्लान मुठभेड़ से 10 दिन पहले ही तैयार कर लिया गया था। आपको बता दें कि, हाल ही में 100 से अधिक हत्याओं का आरोपी और खूंखार नक्सली कमांडर दिनेश मोडियम के आत्मसमर्पण के साथ ही इस मुठभेड़ की रणनीति तैयार कर ली गई थी। क्योंकि दिनेश उसी इलाके में सक्रिय था और समर्पण से पहले मुठभेड़ वाले इलाके से ही लौटा था।
बताया जाता है कि, आत्मसमर्पण के बाद नक्सली कमांडर दिनेश मोडियम ने पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन से जुड़े कई खुलासे किए हैं। इनमें से एक खुलासा नक्सलियों के जमावाड़े से जुड़ी थी और उसके बाद पुलिस के आला अधिकारी और जवानों की टीम ने मिलकर बीजापुर के सबसे बड़े मुठभेड़ को अंजाम देने की तैयारी कर ली। इसके लिए सबसे पहले पीडिया, अन्द्री और मदुम इलाके की पूरी जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा ड्रोन कैमरे की मदद से उन पहाड़ियों की टोह ली गई, जिन पहाड़ियों में नक्सली अपना कैंप बनाए हुए थे पूरी जानकारी जुटाने के बाद ड्रग एसटीएफ और महिला कमांडो की एक टीम तैयार की गई। जिसमें DRG के सबसे काबिल लड़ाकों को शामिल किया गया।
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आपको बता दें की, करीब 1000 जवानों की टीम तैयार कर तीन भागों में बांटा गया। ऑपरेशन प्लान करने के दौरान यह जानकारी भी जुटाई गई कि, वहां मौजूद 30 से अधिक नक्सलियों के पास किस तरह के हथियार हो सकते हैं और नक्सली कितना ट्रेंड है। उसके बाद बुधवार की देर शाम जवानों की टीम को बीजापुर से मुडवेंदी के लिए रवाना किया गया और वहीं से तड़के उस पिन पॉइंट के लिए भेजा गया जहां नक्सलियों की टीम डेरा डाली हुई थी।
आपको बता दें कि, जवान जब वहां पहुंचे तो सबसे पहले जवानों ने पूरी पहाड़ी की घेराबंदी की और इसी दौरान नक्सलियों को जवानों की मौजूदगी की भनक लग गई और नक्सलियों ने फायर खोल दिया। नक्सलियों के फायरिंग शुरू करते ही सबसे पहले DRG का जवान राजू ओयाम हिट हुआ। परंतु अपने शरीर पर 7 बुलेट लगने के बाद भी वह बहादुरी से लड़ता रहा। जिसके बाद साथी को गोली लगता देख बाकी जवानों के खून में उबाल आने लगा और अंत में इस ऑपरेशन को सफल तरीके से अंजाम दिया गया।
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