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CG News: Chhattisgarhi art to gain global recognition; Tribal Artisan Empanelment Fair to be held in Dhamtari on August 21.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और वनोपज संग्राहकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन संचालित ट्राइफेड (TRIFED) और जिला प्रशासन धमतरी के संयुक्त तत्वावधान में 21 अगस्त 2026 को धमतरी में जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध (एम्पैनलमेंट) मेला आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक जनजातीय कला, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को नई पहचान दिलाने के साथ कारीगरों की आय बढ़ाना है।
मेले के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), वन धन विकास केंद्रों (VDVKs) तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को ट्राइफेड के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी और उन्हें स्थायी विपणन का अवसर प्राप्त होगा।
ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों के उत्पाद देशभर में संचालित Tribes India आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही चयनित कारीगरों को राष्ट्रीय व्यापार मेलों, हस्तशिल्प प्रदर्शनियों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी मंचों पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।
मेले के दौरान ट्राइफेड के विशेषज्ञ कारीगरों को उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, आकर्षक पैकेजिंग, आधुनिक ब्रांडिंग और विपणन से संबंधित प्रशिक्षण देंगे। इससे स्थानीय उत्पादों का मूल्य बढ़ेगा और कारीगरों को अपने हुनर का बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
एम्पैनलमेंट मेले में हाथ से बने पारंपरिक परिधान, ढोकरा आर्ट, धातु शिल्प, बांस एवं बेंत के उत्पाद, प्राकृतिक जड़ी-बूटियां, जैविक खाद्य पदार्थ, शहद, जनजातीय पेंटिंग्स, मण्मूर्ति कला, पारंपरिक आभूषण और हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं सहित विभिन्न उत्पादों के कारीगर भाग ले सकेंगे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के सभी जनजातीय उद्यमियों और कारीगरों से इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इसका उद्देश्य केवल पारंपरिक कला और संस्कृति का संरक्षण करना नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों की आय में सतत वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
धमतरी में आयोजित होने वाला यह एम्पैनलमेंट मेला जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों को नए बाजार, बेहतर मूल्य और व्यापक पहचान मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।