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CGPSC-2025: High Court seeks response over calling 608 candidates for interview for 265 posts.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2025 की भर्ती प्रक्रिया में 265 पदों के लिए 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। निखिलेश सोनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में 21 सितंबर 2026 को हुई।
हाई कोर्ट ने आयोग को मामले से संबंधित अपना पक्ष शपथ पत्र के माध्यम से पेश करने के लिए पांच दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अदालत ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पीके पटेल ने अदालत में दलील दी कि भर्ती विज्ञापन में राज्य सेवा परीक्षा नियम-3(2) का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार साक्षात्कार के लिए पदों की संख्या के मुकाबले 1:3 के अनुपात में अभ्यर्थियों को बुलाने का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता के अनुसार 265 पदों के लिए इस अनुपात से लगभग 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए पात्र माना है।
वहीं, पीएससी की ओर से अधिवक्ता डॉ. सुदीप अग्रवाल ने भर्ती विज्ञापन की महत्वपूर्ण सूचनाओं के क्लॉज-4 का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। आयोग की ओर से बताया गया कि सामान्य वर्ग के लिए 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत कटऑफ अंक निर्धारित किए गए थे।
CGPSC-2025 के तहत दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार 20 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाने थे। हालांकि, राज्य सरकार ने 16 सितंबर को इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था। फिलहाल दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल भर्ती प्रक्रिया की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब आयोग द्वारा पांच दिन के भीतर प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्र और 28 सितंबर की अगली सुनवाई पर मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।