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CGPSC Scam: Major relief for Aarti Vasnik and Lalit Ganveer from the Supreme Court; regular bail granted.
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और घोटाले से जुड़े मामले में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को दोनों को नियमित जमानत देने का आदेश दिया।
मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की। आरती वासनिक की ओर से सीनियर एडवोकेट पीबी सुरेश और एडवोकेट हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने बताया कि आरती वासनिक पिछले एक साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी द्वारा मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मुकदमे में 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। ऐसे में ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।
आरती वासनिक की ओर से दलील दी गई कि मुकदमे में हो रही देरी के लिए आरोपी जिम्मेदार नहीं हैं। बचाव पक्ष के मुताबिक, अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इसी आधार पर लंबे समय से जेल में रहने और ट्रायल में संभावित देरी को देखते हुए नियमित जमानत की मांग की गई।
सुप्रीम कोर्ट में बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जांच एजेंसी CBI ने आरती वासनिक पर कथित घोटाले में किसी प्रत्यक्ष भूमिका का आरोप नहीं लगाया है।
साथ ही, मामले में कथित तौर पर लाभान्वित हुए अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर भी फिलहाल रोक लगी हुई है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरती वासनिक और ललित गनवीर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
CGPSC से जुड़ा यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। आरोप लगाया गया कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू की प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ समझौता करते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव रखने वाले परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया।
आरोपों के मुताबिक, योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत कई राजपत्रित पदों पर प्रभावशाली लोगों के करीबी उम्मीदवारों के चयन का खेल हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच CBI को सौंप दी थी। जांच के दौरान एजेंसी की ओर से छापेमारी कर दस्तावेज और अन्य कथित साक्ष्य बरामद किए जाने की बात सामने आई थी।
CGPSC परीक्षा 2021 में कुल 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसका प्रारंभिक परीक्षा चरण 13 फरवरी 2022 को हुआ था, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए।
इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 509 अभ्यर्थी सफल हुए। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद आरती वासनिक और ललित गनवीर को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। CGPSC मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ आरोपों की अंतिम स्थिति अदालत के निर्णय से तय होगी।