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CGPSC and D.El.Ed exam clash stirs up tension: Students face major crisis, exam caught between future and career
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हजारों छात्रों के सामने एक गंभीर स्थिति बन गई है, जहां उन्हें तय करना मुश्किल हो गया है कि वे राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हों या डीएलएड सेकंड ईयर की परीक्षा दें। दोनों परीक्षाओं की तारीखें टकराने से अभ्यर्थी असमंजस और तनाव की स्थिति में हैं।
दो बड़ी परीक्षाओं की तारीख टकराई, बढ़ी दुविधा
सीजी पीएससी द्वारा आयोजित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 6 से 9 जून के बीच निर्धारित है। वहीं दूसरी ओर डीएलएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा 29 मई से 10 जून तक आयोजित की जा रही है।
समस्या तब गंभीर हो गई जब दोनों परीक्षाओं के बीच 8 जून की तारीख एक ही दिन में आ गई। इसी दिन एक ओर पीएससी की मुख्य परीक्षा का पेपर है, तो दूसरी ओर डीएलएड का भी महत्वपूर्ण पेपर रखा गया है।
भविष्य दांव पर, शिक्षक भर्ती से भी जुड़ा मामला
छात्रों की चिंता सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि यदि वे डीएलएड की परीक्षा छोड़ते हैं तो वे अक्टूबर में होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। इसी कारण हजारों अभ्यर्थी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस परीक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि दोनों ही उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
अफसरों से कई बार गुहार, फिर भी समाधान नहीं
परीक्षार्थियों ने 18 मई को व्यावसायिक परीक्षा मंडल की चेयरमैन के सामने भी अपनी समस्या रखी थी। उन्होंने मांग की थी कि 8 जून की परीक्षा को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाए, लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया।
इसके बाद छात्रों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव और अन्य अधिकारियों से भी कई बार मुलाकात कर समाधान की गुहार लगाई। शुरुआत में आश्वासन जरूर मिला, लेकिन अंतिम निर्णय के तौर पर कोई बदलाव नहीं किया गया।
संशोधन की उम्मीद टूटी, छात्रों में नाराजगी
छात्रों का कहना है कि 4 मई को सचिव से हुई मुलाकात में सकारात्मक संकेत मिले थे और 8 जून की परीक्षा तिथि बदलने की बात कही गई थी। लेकिन समय बीतने के बावजूद नई टाइम टेबल जारी नहीं की गई, जिससे भ्रम और बढ़ गया।
कुछ विश्वविद्यालयों ने बदली समय सारणी, लेकिन समस्या बरकरार
इस बीच पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय और पं. रविशंकर विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर कुछ परीक्षाओं की संशोधित समय सारणी जारी कर दी है, जिससे कुछ छात्रों को राहत मिली है। लेकिन डीएलएड और पीएससी परीक्षा के टकराव की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है।
छात्रों की अपील, लेकिन समाधान अब भी अधर में
छात्रों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने मुश्किल विकल्प रह गया है, जहां एक परीक्षा छोड़ना उनके भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है।