

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CRPF jawan commits suicide after dispute with wife
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुंदीकला में छुट्टी पर घर आए एक CRPF जवान ने पत्नी से हुए विवाद के बाद घर के बाहर आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक जवान की पहचान 35 वर्षीय राजाराम प्रजापति के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।
परिजनों ने जवान को फंदे से नीचे उतारकर तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि करीब 6 महीने पहले भी जवान ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जहर पी लिया था।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, कुंदीकला निवासी राजाराम प्रजापति की साल 2021 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में नौकरी लगी थी। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी। कुछ दिन पहले ही वे छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव आए हुए थे। घर आने के बाद से ही उनका अपनी पत्नी से लगातार विवाद चल रहा था।
जवान के भाई शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि बुधवार को राजाराम का अपनी पत्नी से फिर से गंभीर विवाद हुआ। गुस्से में आकर राजाराम रस्सी लेकर घर से बाहर भागे और पास के एक आम के पेड़ पर चढ़कर फांसी के फंदे से झूल गए। उन्हें भागता देख मां भी पीछे दौड़ीं और शोर मचाया।
शोर सुनकर भाई शिवकुमार और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत राजाराम को फंदे से नीचे उतारा, तब तक उनकी सांसें चल रही थीं। परिजन उन्हें आनन-फानन में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह पहली बार नहीं था जब जवान ने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया हो। भाई शिवकुमार के अनुसार, दिसंबर 2025 में भी राजाराम ने जहर पी लिया था। उस वक्त उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे। जहर पीने के बाद करीब डेढ़ महीने तक उनका दो अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला था, जिसके बाद ठीक होकर वे वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। परिजनों का आरोप है कि उस समय पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दिसंबर में बनाए गए वीडियो में जवान राजाराम प्रजापति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पत्नी रूपा प्रजापति, उनके परिजनों और एक रिश्तेदार पर प्रताड़ना के कई गंभीर आरोप लगाए थे:
जवान का आरोप था कि उनसे लगातार मोटी रकम, सोना और अन्य आर्थिक मांगें की जा रही थीं। शादी के बाद से उन्होंने अपनी आय का बड़ा हिस्सा परिवार पर ही खर्च किया था।
राजाराम ने बताया था कि उन पर अपनी मां, भाई और बाकी परिवार से दूरी बनाने का लगातार दबाव डाला जाता था।
पत्नी के कहने पर उन्होंने जमीन भी खरीदी और ड्यूटी स्टेशन पर फैमिली क्वार्टर के लिए आवेदन भी किया, लेकिन पत्नी उनके साथ कहीं भी रहने को तैयार नहीं हुई।
जवान ने दावा किया था कि ससुराल पक्ष के लोग उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी देते थे और राजपुर थाने में अपना प्रभाव होने की बात कहकर डराते थे।
लगातार तनाव और पारिवारिक कलह के कारण जवान की मानसिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी, जिसके चलते वे शराब के आदी भी हो गए थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। जवान द्वारा पहले जारी किए गए वीडियो और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।