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Camp of 16 elephants on the route to Kailash Cave; ensuring the safety of thousands of devotees on 'Sawan Monday' poses a challenge.
जशपुरनगर। जशपुरनगर जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल कैलाश नाथेश्वर गुफा के नजदीक जंगल में 16 हाथियों का दल पहुंचने से वन विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सावन सोमवार के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में हाथियों की मौजूदगी के बीच कांवर यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
रविवार को हाथियों का यह दल मैनी और बिमड़ा के जंगल में मूवमेंट करता देखा गया। कैलाश नाथेश्वर गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को इसी जंगल क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। सावन सोमवार को बड़ी संख्या में कांवरिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
वन विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन और उनकी दिशा पर लगातार नजर बनाए हुए है। वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि हाथियों की गतिविधियों में बदलाव होने पर तत्काल लोगों को सतर्क किया जाए।
कैलाश नाथेश्वर गुफा में जशपुर के अलावा सरगुजा और रायगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई कांवरिए मुख्य सड़क के बजाय कम दूरी वाले जंगल के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
सन्ना और सोनक्यारी क्षेत्र के श्रद्धालु गायबुड़ा मार्ग, जबकि बगीचा क्षेत्र के श्रद्धालु अहिंदमाड़ा मार्ग से जंगल पार कर गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में केवल मुख्य सड़क की निगरानी पर्याप्त नहीं होगी। प्रशासन के सामने जंगल के वैकल्पिक रास्तों पर भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।
सावन सोमवार के दिन कैलाश नाथेश्वर गुफा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर में जलाभिषेक के लिए गुफा के बाहर करीब डेढ़ किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की कतार लगने की बात सामने आई है।
व्यवस्था संभालने में संत गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय के छात्र भी सहयोग करते हैं। पुलिस जवानों की ड्यूटी भी लगाई जाती है, लेकिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए केवल पुलिस बल के भरोसे पूरी व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
हाथियों के इस दल को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही दहशत का माहौल है। 9-10 अगस्त की मध्यरात्रि को बगीचा वन परिक्षेत्र के ग्राम घुघरी कदमटोली में हाथियों का दल बस्ती में घुस गया था। इस दौरान एक ग्रामीण की मौत हो गई थी।
बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल कांसाबेल वन परिक्षेत्र से बगीचा क्षेत्र में पहुंचा है। वन विभाग की कोशिश थी कि हाथियों के दल को बादलखोल अभयारण्य की ओर ले जाया जाए, लेकिन दल ने विपरीत दिशा में मूवमेंट कर लिया और अब सरगुजा की ओर बढ़ रहा है।
फिलहाल वन विभाग का पूरा फोकस सावन सोमवार के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने पर है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से जंगल में अनावश्यक प्रवेश नहीं करने, हाथियों के करीब नहीं जाने और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।