

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Central government cracks down on e-rickshaw hacking; Chinese BAT BMS app removed from Google Play Store and Apple App Store.
नई दिल्ली। देश के कई शहरों से पिछले कुछ दिनों में ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक बंद होने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि कुछ शरारती तत्व एक चीनी मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को हैक कर सड़क पर ही बंद कर रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए Google Play Store और Apple App Store से चीनी ऐप BAT BMS को हटाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा को बंद करने से जुड़े दो मोबाइल ऐप स्टोर से हटाए जा चुके हैं। साथ ही इस मुद्दे को ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों के साथ भी उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के ऐप्स के दुरुपयोग को रोका जा सके।
BAT BMS ऐप को चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया था। यह ऐप ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरियों की चार्जिंग, बैटरी हेल्थ, तापमान और वोल्टेज जैसी जानकारियों की निगरानी के लिए बनाया गया था। यह बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के इंटरफेस के रूप में काम करता है और मूल रूप से तकनीकी निगरानी तथा मेंटेनेंस के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
हालांकि, कुछ लोगों ने ऐप में मौजूद बैटरी बंद करने वाले फीचर का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया, जिससे ई-रिक्शा बीच सड़क पर बंद होने लगे।
जानकारी के अनुसार, भारत में बिकने वाले कई सस्ते ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली चीनी लिथियम बैटरियों के BMS में पर्याप्त सुरक्षा या पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं होता। ऐसे में बैटरी का ब्लूटूथ 10 से 15 मीटर की दूरी तक किसी भी स्मार्टफोन से कनेक्ट हो सकता है।
शरारती तत्व अपने मोबाइल में BAT BMS ऐप खोलकर आसपास मौजूद असुरक्षित बैटरियों को स्कैन करते थे। बिना किसी पासवर्ड के बैटरी से कनेक्ट होने के बाद वे ऐप में मौजूद 'Discharge' विकल्प को बंद कर देते थे। ऐसा करते ही बैटरी से ई-रिक्शा को मिलने वाली बिजली की आपूर्ति रुक जाती थी और वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो जाता था।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह खतरा केवल उन ई-रिक्शा तक सीमित है जिनमें कम कीमत वाली और बिना सुरक्षा वाली ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम बैटरियां लगी हैं।
वहीं, पुराने लेड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा इस समस्या से पूरी तरह सुरक्षित हैं क्योंकि उनमें ब्लूटूथ सुविधा नहीं होती। इसके अलावा कई प्रतिष्ठित कंपनियां अपनी लिथियम बैटरियों में अलग और सुरक्षित सॉफ्टवेयर का उपयोग करती हैं, जिन पर BAT BMS ऐप काम नहीं करता।
सरकार और विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा मालिकों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सुरक्षित बैटरियों का ही उपयोग करें। जिन बैटरियों में ब्लूटूथ आधारित BMS लगा है, उनमें पासवर्ड सुरक्षा और आवश्यक सुरक्षा अपडेट जरूर सक्रिय रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।