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India-Japan Agreements: India and Japan's mega plan—six major agreements set to transform the development landscape.
नई दिल्ली। भारत और जापान ने अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में कई अहम फैसले किए हैं। भारत दौरे पर आई जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपनी "छोटी बहन जैसी" बताया। दोनों नेताओं ने आर्थिक, औद्योगिक, शिक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में हर साल लगभग 10 लाख कारों का उत्पादन होगा। यह दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल उत्पादन केंद्रों में शामिल होगा और इससे लगभग 21 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को गति देने के लिए जापान ने बड़ा आर्थिक सहयोग देने का ऐलान किया है। लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में जापान करीब 88 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराएगा।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जापान के सहयोग से भारत में करीब 1000 नए उर्वरक (फर्टिलाइजर) कारखाने स्थापित किए जाएंगे। इससे खाद उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, हरित ऊर्जा और नई तकनीकों सहित कई क्षेत्रों में किया जाएगा।
भारत और जापान ने टैलेंट मोबिलिटी, स्किल डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप, रिसर्च, उच्च शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। इससे दोनों देशों के युवाओं और नवाचार क्षेत्र को नई संभावनाएं मिलेंगी।
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को आसान और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रुपये और जापानी येन में सीधे भुगतान की व्यवस्था विकसित करने हेतु एक नया फ्रेमवर्क तैयार करने पर भी सहमति बनाई है। इससे विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम होगी और व्यापारिक लेनदेन अधिक सरल बन सकेगा।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जापान की साझेदारी केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, तकनीकी प्रगति और साझा विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दोनों देशों ने भविष्य में रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।